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Food Security Scheme : धौलपुर में अपात्रों के नाम पर चली कैंची, 1 लाख 64 हजार 165 के नाम हटाए गए

Food Security Scheme : खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत धौलपुर जिलेभर में 1 लाख 64 हजार 165 लोगों के नाम खाद्यान्न सूची से पृथक किए गए। पढ़ें पूरी खबर।
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धौलपुर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 23 Jun 2026, 9:15 AM IST

Food Security Scheme Dholpur 1 lakh 64 thousand 165 ineligible people Names removed

Food Security Scheme : धौलपुर रसद विभाग का कार्यालय। फोटो पत्रिका

Food Security Scheme : खाद्य सुरक्षा योजना से अपात्र लोगों के नाम पिछले डेढ़ साल से हटाए जा रहे है। इस दौरान धौलपुर जिलेभर में 1 लाख 64 हजार 165 लोगों के नाम खाद्यान्न सूची से पृथक किए गए। इनमें से 4262 राशनकार्डों को एक्टिव और 16 हजार 134 यूनिटों को पुनः जोड़ा गया है, लेकिन हटाए गए लोगों में से कई लोग ऐसे भी है, जो योजना के पात्र हैं, जो अपना नाम जुड़वाने रसद विभाग के चक्कर लगा रहे है। रसद विभाग ने गिव अप अभियान प्रारंभ कर खाद्यान्न सुरक्षा को लाभ ले रहे अपात्र लोगों को हटाने का काम प्रारंभ किया था। जिसके बाद कई लोगों ने स्वयं राशनकार्ड सरेंडर भी किया, लेकिन कई दबंग ऐसी भी रहे जिन्होंने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।

उच्च स्तर से सीलिंग निर्धारित करने के बाद विभाग ने योजना में अपात्र पाए जाने वालों पर कार्रवाई प्रारंभ करते ऐसे लोगों के नाम स्वयं हटाना प्रारंभ किया। ऐसी स्थिति में एनएफएसए से लोगों को नाम कटना तो तय था। आदेशों के बाद जिलेभर में योजना से जुड़े लोगों की छंटनी की गई। जिसका आधार चार पहिया वाहन, मासिक आय, सरकारी कर्मचारी, तय भूमि से ज्यादा भूमि आदि को बनाया गया। जिसके बाद विभाग ने धड़ाधड़ कार्रवाई करते हुए धौलपुर जिले के विभिन्न ब्लॉकों में एक लाख 64 हजार 165 लोगों को एनएफएसए योजना का अपात्र पाते हुए उनके नाम सूची से हटाया गया। तो वहीं 4262 राशनकार्ड और 16134 यूनिट को जांच में सही पाए जाने पर पुनः प्रारंभ कराया गया। इसके अलावा विभाग ने 139335 नवीन यूनिटों को जोड़ा गया।

इस स्थिति में काटे जा रहे नाम

जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा के नियमों के अनुसार यदि परिवार में कोई आयकर दाता है, सरकारी अर्ध-सरकारी कर्मचारी है, आय 1 लाख रुपए से अधिक वार्षिक पेंशन है, या परिवार के पास ट्रेक्टर वाणिज्यिक वाहनों को छोड़कर चार पहिया वाहन है, तो वे योजना के अपात्र माने जाते हैं। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए निर्धारित पक्के मकान या कृषि भूमि के मानकों का उल्लंघन करने पर भी लोगों के नाम काटे गए हैं।

सत्यापन अभियान में यह खुलासा हुआ

जांच में कई लाभार्थी सरकारी मानकों पर खरे नहीं उतरे। कई के पास दो एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि मिली। कई के पास चार पहिया वाहन मिला। कई के पास दो पहिया वाहन मिला। कुछ लाभार्थी आयकर दाता पाए गए। कुछ के नाम जीएसटी पंजीकरण मिला। विभाग ने ऐसे लोगों को आर्थिक रूप से सक्षम माना। इसी आधार पर लाभ की सूची से नाम हटाया गया। शहरी में 53 तो ग्रामीण क्षेत्र में 69.09 सीलिंग निर्धारित अपात्र लोगों के खाद्यान्न सुरक्षा का लाभ लेने वालों पर रसद विभाग की कार्रवाई जारी है।

उच्च स्तर से सीलिंग निर्धारित करने के बाद कार्रवाई के दौरान बेजा लाभ लेने वाले लोगों के नाम सूची से हटाए जा रहे है। जिसकी वजह प्रदेश में योजना की सीलिंग सीमा 4.46 करोड़ है, जबकि 4.39 करोड़ नाम जुड़े हुए है। केंद्र सरकार की ओर से खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राज्य में शहरी क्षेत्र के लिए 53 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 6.0 प्रतिशत की सीलिंग निर्धारित की है। अब नवीन यूनिटों को जोड़ते के लिए।। विभाग अपात्रों को सूची से हटाने का काम कर रहा है।