धौलपुर

कृषि उपज मंडी में एक लैब, दूसरी खराब होने से किसान परेशान, जांच में देरी

– किसान दो बार जता चुके नाराजगी, मंडी प्रशासन बोला – अगले सप्ताह दूसरी लैब शुरू – मंडी में प्रतिदिन पहुंच रहे करीब 10 हजार सरसों बैग, अब टैक्स कलेक्शन पर जोर धौलपुर. मंडियों में इन दिनों किसान फसल लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां आकर उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। मंडी में फसल […]

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- किसान दो बार जता चुके नाराजगी, मंडी प्रशासन बोला

- अगले सप्ताह दूसरी लैब शुरू

- मंडी में प्रतिदिन पहुंच रहे करीब 10 हजार सरसों बैग, अब टैक्स कलेक्शन पर जोर

धौलपुर. मंडियों में इन दिनों किसान फसल लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां आकर उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। मंडी में फसल जांच के लिए एक ही लैब है जिस पर बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल के नमूना जांच करवा रहे हैं लेकिन समय अधिक लगने से धरती पुत्र धूप में खड़े-खड़े परेशान हो रहा है। यहां पानी और छाव की कोई व्यवस्था नहीं है। देरी के चलते किसान बीते सप्ताह में दो दफा अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। उधर, मंडी प्रशासन का कहना है कि पार्ट्स मंगवाए जा रहे हैं, अगले सप्ताह तक दूसरी लैब शुरू होने से समय पर दूर होगी। बताया जा रहा है कि मशीन का पार्ट्स बेंग्लुरु से मंगवाया जा रहा है जिसमें समय लग रहा है। मंडी में इन दिनों सरसों की आवक है। प्रतिदिन करीब 10 हजार बैग पहुंच रहे हैं। मार्च क्लोंजिंग के चलते प्रशासन और अन्य वित्तीय एजेंसी भी मंडी के लेनदेन पर नजर गड़ाए हुए हैं। वहीं, मंडी प्रशासन हो रहे अतिक्रमण पर जल्द कार्रवाई करेगा। कहना है कि समझाइश की जा रही है, नहीं तो फिर प्रशासन के सहयोग से कार्रवाई होगी।

42 कंडीशन पर पूरे भाव, नमी आई तो कम

जिंस की बिक्री में लैब का बड़ा रोल है। लैब पर अच्छी कंडीशन मापक 42 है। वर्तमान में सरसों की जांच हो रही है, किसान की फसल की ४२ कंडीशन आती है तो उसे फसल के उस दिन के जो भाव खुले हैं, वह मिलेंगे। शनिवार को 6975 क्विंटल भाव रहा। इस तरह मंडी में सरसों की फसल की आवक है। अब कुछ दिन में गेहूं की फसल शुरू हो जाएगी। अभी गेहूं की आवक कम है। मंडी में वर्तमान में करीब 10हजार कट्टा सरसों के पहुंच रहे हैं।

मंडी टैक्स में इस वर्ष वृद्धि की उम्मीद...

कृषि उपज मंडी में किसान के फसल लाने पर गेट पर ही पर्ची कटती है। इसके बाद वह लैब पर कंडीशन की जांच करवाता है। जिसके बाद जिंस की खरीद होती है। मंडी फसल बिक्री पर मंडी टैक्स 1 फीसदी, किसान कल्याण टैक्स 0.5और 5 फीसदी जीएसटी लगता है। मंडी प्रशासन ने इस दफा गत वर्ष की अपेक्षा अधिक टैक्स कलेक्शन की उम्मीद जताई है। सूत्रों के अनुसार मंडी जिस तरह फसल आती है, उसके लिहाज सरकार को टैक्स नहीं मिल पा रहा है। मॉनिटरिंग नहीं होने से टैक्स कलेक्शन कम है। वहीं, जीएसटी विभाग भी इन दिनों हरकत में है।

बैंग्लुरु से मंगवा रहे पार्ट्स...

मंडी में पहले लैब जांच के लिए दो मशीनें थी। जिसमें एक खराब हो गई। मंडी प्रशासन ने एक मशीन के पाटर््स बैंग्लुरु से मंगवाए हैं। बताया कि पार्सल डिलेवरी में देरी होने से समस्या आई है। दावा है कि अगले सप्ताह तक दूसरी मशीन शुरू होने से समस्या दूर होगी।

किसानों की फ्री...व्यापारी को30 रुपए शुल्क

मंडी में सरकारी लैब पर फसल सैम्पल जांच करवाने के लिए किसान को कोई शुल्क नहीं देना होता है, जांच फ्री है जबकि व्यापारी के लिए 30 रुपए प्रति जांच का शुल्क है। मंडी की लैब में पहले दो मशीनें थी, जिससे जांच समय से मिल रही थी। लेकिन दूसरी मशीन खराब होने से समस्या गहरा गई। फसल का समय होने से किसानों को जांच के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जिसके चलते किसान दो दफा नाराजगी जता चुके हैं।

- एक मशीन खराब हो गई थी। उसके पार्ट्स बाहर से मंगवाए हैं, अगले सप्ताह तक दूसरी लैब शुरू हो जाएगी। किसानों की फसल के लिए जांच फ्री है। व्यापारी समेत अन्य को शुल्क जमा कर लैब पर जांच करवा सकते हैं। मंडी में जो भी अतिक्रमण है, उसको लेकर समझाइश की जा रही है। नहीं तो फिर प्रशासन की मदद से कार्रवाई होगी।

- कौशल शर्मा, कार्यवाहक मंडी सचिव धौलपुर

Published on:
29 Mar 2026 06:22 pm
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