धौलपुर

पुराना अस्पताल भवन में सैटेलाइट हॉस्पिटल तो मदर लैब में होंगी 1200 जांचें

नूतन वर्ष में शहर सहित जिले की स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी, क्योंकि विभाग स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने की कार्ययोजना पर कार्य कर रहा है। जिससे न केवल एमसीएच और जिला अस्पतालों में आ रही अव्यवस्थाओं से मरीजों को राहत मिलेगी, वहीं शहर के एक तिहाई लोगों को इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल की दौड़ भी नहीं लगानी पड़ेगी।

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-शहर सहित जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने कार्य कर रहा विभाग

-सैटेलाइट हॉस्पिटल बनने से शहर के एक तिहाई लोगों को मिलेगी राहत

-मदर लैब में हो सकेंगी कैंसर, एचआइवी, थाइराइड जैसी 1200 जांचें

-धनवंतरी ओपीडी ब्लॉक कम करेगा जनाना अस्पताल का बोझ

-क्रिटिकल केयर ब्लॉक में गंभीर मरीजों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

धौलपुर. नूतन वर्ष में शहर सहित जिले की स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी, क्योंकि विभाग स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने की कार्ययोजना पर कार्य कर रहा है। जिससे न केवल एमसीएच और जिला अस्पतालों में आ रही अव्यवस्थाओं से मरीजों को राहत मिलेगी, वहीं शहर के एक तिहाई लोगों को इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल की दौड़ भी नहीं लगानी पड़ेगी।

जिला अस्पताल में मरीजों की परेशानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए जहां मदर लैब और क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य चल रहा है। जहां हर प्रकार की जांचों सहित गंभीर मरीजों को रखा जाएगा। जिनके फरवरी-मार्च तक प्रारंभ होने के आसार हैं,। वहीं शहरवासियों की मांग को देखते हुए पुराना अस्पताल भवन में 30 से 50 बिस्तरों वाला सैटेलाइट हॉस्पीटल और एमसीएच में धनवंतरी ओपीडी ब्लॉक का निर्माण कराए जाने की कार्ययोजना पर कार्य कर रहा है।

मदर लैब, एक छत के नीचे सभी जांच

जिला अस्पताल परिषर में मदर-हब-स्पोक मॉडल के तहत मदर लैब का निर्माण किया जा रहा है। जहां एक ही छत के नीचे 1200 प्रकार की जांचें हो सकेंगी। जिनमें विटामिन, हार्मोन, कैंसर, कॉलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर, एचआईवी, सिकल सेल एनिमिया, डिप्थीरिया, थायराइड, गेस्ट्रिक प्रॉब्लम, यूरिन कम्प्लीट प्रोफाइल के अलावा किडनी और लिवर से जुड़े से जुड़ी सभी बीमारियों की जांच की सुविधा लोगों को मिलेगी। देखा जाए तो अभी जिला अस्पताल में 45 प्रकार की ही जांचें हो पा रही हैं। मदर लैब के प्रारंभ होने के कारण गंभीर रोग से पीडि़त मरीजों को जांच कराने जयपुर-आगरा की दौड़ नहीं लगाने होगी। लैब के मार्च-फरवरी तक प्रारंभ होने के आसार हैं। लैब प्रारंभ होने के बाद मरीजों को रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिल सकेंगी। यह मॉडल निजी कंपनियों के सहयोग से लागू किया जा रहा है और इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च गुणवत्ता वाली जांच सुविधाएं पहुंचाना है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हों।

मरीज को मैसेज के जरिए मिलेगा लिंक

रिपोर्ट तैयार होने के बाद मरीज के मोबाइल पर मैसेज के जरिए लिंक मिलेगा। जिसके बाद लोग ओटीपी डालकर अपनी रिपोर्ट निकाली सकेंगे, इसके अलावा लोग हॉस्पिटल की लैब में जाकर निर्धारित समय पर रिपोर्ट ले सकते हैं।

सैटेलाइट हॉस्पिटल खुलने से शहरवासियों को राहत

स्वास्थ्य विभाग शहर के एक तिहाई लोगों को राहत देते हुए पुराने अस्पताल भवन में सैटेलाइट हॉस्पिटल बनाने पर भी कार्य कर रहा है। इस योजना के तहत सारी स्वास्थ्य सेवाओं के तहत 30-50 इन्डोर बेड भी मरीजों के लिए लगाए जाएंगे, ताकि स्थानीय लोगों को आसानी से और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें और इनमें ओपीडी, इमरजेंसी, जैसी सुविधाएं भी होंगी। यह सैटेलाइट हॉस्टिपल 24 घंटे संचालित होगा। सैटेलाइट हॉस्पिटल के प्रारंभ होने से लोगों को जहां जिला अस्पताल भागने से राहत मिलेगी तो वहीं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सही समय पर भी मिल सकेंगी। इसके अलावा जिला अस्पताल पर पड़ रहे बोझ से भी राहत मिलेगी। ज्ञात हो कि जिला अस्पताल के बाड़ी स्थित नवीन भवन में शिफ्ट होने का लोगों ने जमकर विरोध किया था और मांग की थी कि अस्पताल का पुराने भवन में ही संचालित किया जाए।

गंभीर मरीजों के लिए क्रिटिकल केयर ब्लॉक

जिला अस्पताल परिषर में ही भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों के लिए क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। जिसका भवन भी जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। क्रिटिकल केयर ब्लॉक अस्पतालों में बने विशेष विभाग होते हैं, जो गंभीर रूप से बीमार और जानलेवा स्थिति वाले मरीजों जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, सांस लेने में दिक्कत के लिए 24 घंटे विशेष देखभाल प्रदान करते हैं, ताकि उन्हें तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके और डॉक्टरों की निगरानी मिल सके। तो वहीं एनएचएम के तहत मेडिकल कॉलेज में कार्य कर रहे नर्सिंग स्टॉफ को भी अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों की संख्या में भी इजाफा हो।

बोझ कम करेगा धनवंतरी ओपीडी ब्लॉक

स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली के तहत सब कुछ सही रहा तो जल्द ही स्वास्थ्य विभाग 100 बिस्तरों वाले जनाना अस्पताल पर पडऩे वाले अतिरिक्त बोझ को भी कम कर देगा। जिसके लिए विभाग एमसीएच परिसर में ही धनवंतरी ओपीडी ब्लॉक का निर्माण कराने पर विचार कर रहा है। जहां अस्पताल में संचालित होने वाली गायनकी और चिल्ड्रन ओपीडी सहित पर्चा काउंटर को शिफ्ट किया जाएगा। यह धनवंतरी ओपी ब्लॉक अस्पताल भवन के बगल में बने डॉक्टरों के क्वार्टरों के स्थान पर बनाने पर विचार किया जा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो अस्पताल भवन में केवल मरीजों का इलाज संबंधित ही कार्य हो सकेंगे। जिससे जहां एमसीएच से अनावश्यक भीड़ कम होगी तो वहीं मरीजों को भी राहत मिल सकेगी।

हर मरीज को बेहतर सुविधाएं मिल सकें, इसको लेकर कार्य किया जा रहा है। जिला अस्पताल परिषर में मदर लैब का निर्माण कार्य चल रहा है, जहां 1200 जांचें एक साथ की जा सकेंगी। तो वहीं क्रिटिकल केयर ब्लॉक भी तैयार हो रहा है। इसके अलावा सैटेलाइट हॉस्पीटल और धनवंतरी ओपीडी ब्लॉक बनाने पर भी विचार किया जरा है।

-डॉ.समरवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

Published on:
01 Jan 2026 06:40 pm
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