-250 रुपए बढ़ा 6200 की एमएसपी, सरसों अभी से 6400 बिक रही -सरसों की नई फसल की आवक से गुलजार होने लगी मण्डी -अभी तक किसानों के रजिस्ट्रेशन नहीं हुए प्रारंभ धौलपुर. गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी राजफेड के हाथ खाली रहने वाले है…कारण सरसों पर एमएसपी। सरकार ने इस वर्ष एमएसपी दाम […]
-250 रुपए बढ़ा 6200 की एमएसपी, सरसों अभी से 6400 बिक रही
-सरसों की नई फसल की आवक से गुलजार होने लगी मण्डी
-अभी तक किसानों के रजिस्ट्रेशन नहीं हुए प्रारंभ
धौलपुर. गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी राजफेड के हाथ खाली रहने वाले है...कारण सरसों पर एमएसपी। सरकार ने इस वर्ष एमएसपी दाम बढ़ाकर 6200 तो कर दिए, लेकिन अभी से बाजार में सरसों 6421 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीदी जा रही है, जो तय दाम से अधिक है। अब ऐसी स्थिति किसान फिर सरकार की खरीदी प्रक्रिया से मुंह मोड़ सकता है।
प्रमुख मण्डी सरसों की नई फसल आवक से गुलजार होने लगी है। किसान फसल की बिकवाली को लेकर मण्डी पहुंचना प्रारंभ हो चुके हैं और प्रतिदिन 400 से 500 क्विंटल सरसों व्यापारी खरीद रहे हैं। हालांकि अभी तक एमएसपी मूल्य पर सरसों खरीदी के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन तक प्रारंभ नहीं हो पाए हैं। प्रमुख मंडी में सरसों की नई फसल की आवक जोर पकडऩे लगी है, जिससे मंडियों में हलचल बढ़ गई है। सरसों का वर्तमान भाव 6421 प्रति क्विंटल के बीच बना हुआ है, जो समय के साथ और बढऩे के भी आसार बताए जा रहे हैं। तो वहीं सरकार ने इस वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा एमएसपी रेट 6200 तय किए हैं, जो पिछले वर्ष 5950 था, लेकिन अभी राजफेड सरसों खरीदी को लेेकर किसानों का रजिस्ट्रेशन तक प्रारंभ नहीं कर सका है। मंडी व्यापारियों के अनुसार सरसों की खरीद खुली बोली के माध्यम से की जा रही है। उपज की गुणवत्ता के आधार पर कीमत तय है, जिससे अच्छी गुणवत्ता वाली सरसों को बेहतर दाम मिल रहे हैं।
100 किसानों में से एक भी नहीं पहुंचा बिकवाली को
किसानों के सामने एक बार फिर एमएसपी को लेकर दुविधा खड़ी होने वाली दिख रही है। दरअसल सरकार ने इस वर्ष प्रति क्विंटल 250 रुपए बढ़ाकर 6200 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी कर तो दी, जो 5950 थी, लेकिन अभी से सरसों के भाव 6400 के पार हो चुके हैं। जिस कारण किसान हर बार की तरह इस बार भी सरकार की खरीदी प्रक्रिया से दूर रह सकता है। यही कारण रहा कि गत वर्ष 100 किसानों ने एमएसपी पर बिकवाली करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराए थे, लेकिन बाजार भाव अधिक होने के कारण 100 किसानों में से कोई भी किसान एमएसपी पर सरसों बिकवाली करने के लिए नहीं पहुंचा।
400 से 500 क्विंटल सरसों पहुंच रही मण्डी
क्षेत्र में सरसों की फसल की कटाई के साथ मण्डी में व्यापारियों की दुकानों पर रौनक बढ़ गई है। हालांकि अभी सरसों कटाई का प्रथम चरण ही चल रहा है। जिस कारण केवल 400 से 500 क्विंटल सरसों ही बिकवाली को रही है। 10 से 15 दिनों बाद सरसों कटाई का दूसरा चरण प्रारंभ होने के साथ मण्डी में बेहतर गुणवत्तापूर्ण सरसों आने का अनुमान लगाया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि इस सीजन भी क्षेत्र में सरसों की फसल बेहतर हुई है।
10 मार्च से प्रारंभ हो जाएंगे रजिस्ट्रेशन
एमएसपी रेट पर खरीदी को लेकर जहां 1 मार्च से किसानों का रजिस्ट्रेशन प्रारंभ हो जाता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाया है, लेट होने का कारण विभाग टेंडर प्रक्रिया को बता रहा है। हालांकि विभाग का कहना है कि 10 मार्च से सरसों खरीदी को लेकर किसानों का रजिस्ट्रेशन प्रारंभ कर दिया जाएगा और 25 मार्च से सरसों खरीदी भी प्रारंभ हो जाएगी। एमएसपी रेट की बात करें तो इस बार सरकार ने पिछले वर्ष की अपेक्षा मूल्य में वृद्धि की है।
मण्डी में बढ़ी रौनक, पहुंच रहे किसान
सरसों की फसल को बिकवाली को लेकर मंडी में सुबह से ही किसानों और व्यापारियों की आवाजाही देखी जा रही है। किसान अपनी उपज ट्रैक्टर-टॉली और पिकअप वाहनों के माध्यम से मंडी तक पहुंचा रहे हैं। मंडी व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में सरसों की आवक और बढऩे की संभावना है। इससे मंडी में व्यापारिक गतिविधियां और तेज होंगी और किसानों को अपनी उपज बेचने के अधिक अवसर मिलेंगे।
सरसों की एमएसपी इस बार 6200 रुपए रखी गई है, जो गत वर्ष की अपेक्षा ज्यादा है। टेण्डर प्रक्रिया के कारण अभी तक रजिस्टे्रशन प्रारंभ नहीं हो पाए हैं, 10 मार्च से रजिस्ट्रेशन प्रारंभ हो सकते हैं और 25 मार्च से सरसों की खरीदी प्रारंभ की जा सकती है।
-सतेन्द्र सिंह मीणा, डीएसआर राजफेड