1 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीईसी सदस्य ने चंबल नदी के बजरी खनन क्षेत्र का लिया जायजा

धौलपुर. राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा पर बह रही चंबल नदी किनारे घाटों पर बड़े स्तर पर अवैध बजरी खनन, परिवहन और राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य को पहुंच रहे नुकसान को लेकर शुक्रवार को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ एंड सीसी) के अधीन केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल धौलपुर पहुंचे। उन्होंने जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी, एसपी विकास सांगवान, डीएफओ वी.चेतन कुमार और वाइल्ड लाइफ डीएफओ डॉ.आशीष व्यास समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर जानकारी ली। सीईसी सदस्य गोयल ने बाद में धौलपुर और एमपी सीमा पर चंबल नदी के घाटों का स्टीमर से अधिकारियों के साथ बारीकी से निरीक्षण किया। विशेषकर जहां से अवैध बजरी खनन की निकासी होती है। सदस्य ने करीब एक घंटे तक चंबल नदी क्षेत्र में जायजा लिया। इसके बाद वह मध्यप्रदेश के पड़ोसी जिले मुरैना को रवाना हो गए। गौरतलब रहे कि अवैध बजरी खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। हाल में कोर्ट ने राजस्थान, एमपी और यूपी सरकार और प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने अवैध बजरी रोकने के दिशा-निर्देश दिए थे। जिस पर एमपी के मुरैना जिले में चंबल घाटों पर करीब 20 दिन पहले हथियार बंद जाब्ता तैनात कर रखा है।

2 min read
Google source verification
dholpur news

- धौलपुर और एमपी के मुरैना जिले के डीएम, एसपी और वन अधिकारी रहे मौजूद

- बोले- कुछ नहीं बता सकते, सुप्रीम कोर्ट में पेश करेंगे रिपोर्ट

धौलपुर. राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा पर बह रही चंबल नदी किनारे घाटों पर बड़े स्तर पर अवैध बजरी खनन, परिवहन और राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य को पहुंच रहे नुकसान को लेकर शुक्रवार को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ एंड सीसी) के अधीन केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल धौलपुर पहुंचे। उन्होंने जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी, एसपी विकास सांगवान, डीएफओ वी.चेतन कुमार और वाइल्ड लाइफ डीएफओ डॉ.आशीष व्यास समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर जानकारी ली। सीईसी सदस्य गोयल ने बाद में धौलपुर और एमपी सीमा पर चंबल नदी के घाटों का स्टीमर से अधिकारियों के साथ बारीकी से निरीक्षण किया। विशेषकर जहां से अवैध बजरी खनन की निकासी होती है। सदस्य ने करीब एक घंटे तक चंबल नदी क्षेत्र में जायजा लिया। इसके बाद वह मध्यप्रदेश के पड़ोसी जिले मुरैना को रवाना हो गए।

गौरतलब रहे कि अवैध बजरी खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। हाल में कोर्ट ने राजस्थान, एमपी और यूपी सरकार और प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने अवैध बजरी रोकने के दिशा-निर्देश दिए थे। जिस पर एमपी के मुरैना जिले में चंबल घाटों पर करीब 20 दिन पहले हथियार बंद जाब्ता तैनात कर रखा है। वहीं, धौलपुर जिले में बीहड़ इलाके में नाकाबंदी सख्त की है। अब सुप्रीम कोर्ट में उक्त प्रकरण में 11 मई को सुनवाई है, जिसमें सीईसी सदस्य गोयल मौजूदा हालात की रिपोर्ट पेश करेंगे।

दो वनकर्मियों की हो चुकी मौत

गत 8 अप्रेल को एमपी के मुरैना जिले में बजरी माफिया ने वनकर्मी हरिकेश गुर्जर को कुचल दिया था जिससे की उसकी मौत हो गई थी। इससे पहले जनवरी माह में धौलपुर जिले के सरमथुरा इलाके में भी अवैध बजरी लेकर जा रहे ट्रेक्टर-ट्रॉली चालक ने वनकर्मी जितेन्द्र शेखावत में टक्कर मार दी, जिसकी बाद में इलाज के दौरान जयपुर में मौत हो गई थी।

- इस विषय पर वह अभी कुछ नहीं बता सकते हैं, जो भी तत्थात्मक रिपोर्ट होगी, वह सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश की जाएगी। हम स्थिति जांच रहे हैं।

- चंद्र प्रकाश गोयल, सदस्य केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी)