क्षेत्र में सैंपऊ-बाड़ी मार्ग स्थित पार्वती नदी की रपट पर चल रहे पानी से बाइक पर निकलते समय तेज बहाव में रविवार दोपहर को चाचा-भतीजा बह गए।
क्षेत्र में सैंपऊ-बाड़ी मार्ग स्थित पार्वती नदी की रपट पर चल रहे पानी से बाइक पर निकलते समय तेज बहाव में रविवार दोपहर को चाचा-भतीजा बह गए।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने चाचा को बाहर निकाल लिया लेकिन भतीजे का कहीं पता नहीं चल पाया। जिसकी तलाश की जा रही है। पार्वती बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नदी में उफान चल रहा है। इससे बाड़ी-सैंपऊ मार्ग स्थित नदी की रपट पानी चल रहा है।
रविवार दोपहर बाद कल्ला (30) पुत्र बीरबल जाटव निवासी पंजीपुरा व उसका भतीजा अजय पुत्र पप्पू निवासी पंजीपुरा बाइक पर खाट लेकर रिश्तेदारी से आ रहे थे। नदी की रपट पर पानी चल रहा था।
इस दौरान दोनों बाइक लेकर रपट पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज बहाव के कारण बाइक सहित दोनों जने पानी में बह गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर किया तो वहां अन्य लोग भी पहुंच गए। कुछ ग्रामीणों ने नदी में छलांग लगाकर कल्ला को बचा लिया जबकि उसके भतीजे अजय का कहीं पता नहीं चल पाया।
अचेत कल्ला को अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। मामले की सूचना मिलने पर डीएसपी मोहनलाल दादरवाल, थाना प्रभारी रामकिशन गोदारा, तहसीलदार बृजेश मंगल मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने गोताखेर बुलाकर युवक की तलाश शुरू करवा दी है।
होमगार्ड के भरोसे रपट की निगरानी
बारिश के मौसम में हर साल पार्वती बांध से लाखो लीटर पानी नदी में छोड़ा जाता है और इससे नदी में उफान की स्थिति बन जाती है। ऐसे में नदी की रपट पर पानी चलता है। इससे हर साल हादसे होते हैं लेकिन इसके बाद भी पुलिस अधिकारी रपट की निगरानी के लिए होमगार्ड तैनात कर अपना काम पूरा कर लेते हैं। जबकि लोग होमगार्ड जवानों की नहीं मानते और रपट पर बहते पानी से निकलने लगते हैं। ऐसे में हादसे हो जाते हैं।
तलाश जारी है
बृजेश मंगल तहसीलदार सैंपऊ ने बताया कि नदी में बहे युवक की तलाश के लिए गोताखोर प्रयास कर रहे हैं। नदी से निकाले गए युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रपट पर पुलिस तैनात कर दी गई है।