
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल निर्दलीय विधायकों से चर्चा करते हुए, पत्रिका फोटो
Panchayat- Nikay Elections: प्रदेश की भाजपा सरकार पंचायत-निकाय चुनाव से पहले निर्दलीय विधायकों को साधने में जुट गई है। सरकार की इस रणनीति को आगामी पंचायत और निकाय चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मंगलवार को सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों से मुलाकात की और उनके गिले-शिकवे सुने। हालांकि बैठक में विधायकों ने प्रदेश में अफसरशाही पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अफसर सुनते नहीं हैं और इसका रणनीतिक रूप से बहुत नुकसान होता है।
विधायकों ने कहा कि वे पहले दिन से ही सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उनके विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्याें को प्राथमिकता दी जाए, जिससे जनता को यह अहसास हो कि उन्हें विकास कार्याें को फायदा मिल रहा हैं। सरकार की योजनाओं का भी समयबद्ध फायदा जनता को मिलना चाहिए।
नाम न छापने की शर्त पर एक विधायक ने बताया कि कई बार ऐसा हुआ है कि अफसर सुनते नहीं हैं और इसका रणनीतिक रूप से बहुत नुकसान होता है। सरकार को अफसरों को लगाने से पहले यह इशारा करना चाहिए कि भाजपा के अलावा ये निर्दलीय विधायक भी साथ हैं। स्थानीय विधायकों की अनुशंसा पर लगाए गए अफसरों से जहां कार्य कुशलता में बढ़ोतरी होती है वहीं प्रशासन के प्रति आमजन में विश्वास भी बढ़ता है। आम जनता की परिवेदनाओं की अनसुनी करने वाले अफसरों को हटाया जाना चाहिए, ऐसा नहीं होने पर लोगों में गलत संदेश जाता है।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के कक्ष में हुई बैठक में निर्दलीय विधायक ऋतु बानावत, जीवाराम चौधरी, चंद्रभान आक्या, प्रियंका चौधरी, गणेशराज बंसल मौजूद रहे। इस दौरान सभी विधायकों से उनकी मांगों पर चर्चा हुई। कुछ विधायकों ने यह भी शिकायत की कि अफसरों को यह निर्देश दिए जाएं कि उनके बताए गए कार्यों पर तुरंत एक्शन लिया जाए।
बैठक में सरकार समर्थित निर्दलीय विधायकों ने शिकायत की कि अफसर विधायकों के बताए गए कार्यों को भी गंभीरता से नहीं लेते। अफसरों को तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए जाएं जिससे प्रदेश में विकास कार्य और ज्यादा तेज गति से पूरे किए जा सकें।
Published on:
08 Apr 2026 08:23 am
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