
धौलपुर. खेतीवाड़ी के लिए सिंचाई की बेहतर सुविधा होने पर ही किसान की समय पर फसल हो पाती है और वह चिंतित नहीं रहता है। धौलपुर जिले सिंचाई और पेयजल की बहुप्रतीक्षित धौलपुर लिफ्ट सिंचाई और पेयजल परियोजना का करीब 90 फीसदी से अधिक कार्य हो चुका है लेकिन अब पूरा दारोमदार विद्युत कनेक्शन पर जा टिका है।
परियोजना में ुकुल 108 डिग्गी हैं, जहां से पानी लिफ्ट कर पाइपों के जरिए खेतों के नजदीक तक पहुंचेगा। लेकिन पानी लिफ्ट करने के लिए इन डिग्गियों के लिए विद्युत कनेक्शन होना शेष है। जल संसाधन विभाग की ओर से अभी करीब 70 डिग्गियों के कनेक्शन की फाइल विद्युत निगम में लगा रखी है, कनेक्शन शुरू होने पर पानी लिफ्ट होकर किसानों को सिंचाई के लिए मिल सकेगा। उधर, विद्युत निगम प्रशासन का कहना है कि 45 कनेक्शन तैयार हैं, जल संसाधन विभाग का अभी मीटर रूम और अन्य कार्य होना शेष है, उक्त कार्य होने पर हम कनेक्शन शुरू कर देंगे। मीटर रूम निर्माण होने पर ही कनेक्शन शुरू होगा, बिजली खपत कितनी हो रही है, इनके मीटर रूम के जरिए ही बिलिंग होगी। करीब 60 फाइलें मिली हैं और अन्य पर कार्य चल रहा है।
हालांकि, जल संसाधन विभाग बीच में पानी लिफ्ट का ट्रायल कर चुका है लेकिन पूर्ण क्षमता के साथ कार्य विद्युत कनेक्शनों पर ही टिकी है। विभाग का दावा है कि नवम्बर माह में किसानों को फसल सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। हालांकि, अभी 256 गांवों के किसानों तक पानी कब तक पहुंचेगा, इस पर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। गौरतलब रहे कि परियोजना के लिए राशि 852.00 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी हुई थी एवं परियोजना पर अभी तक 716.45 करोड़ का व्यय हो चुका है। परियोजना का कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इस परियोजना से जिले की लगभग 1 लाख जनसंख्या लाभान्वित होगी। इसमें विशेषतौर पर राजाखेड़ा उपखंड क्षेत्र के किसानों को फायदा होगा।
सर्वाधिक गांव राजाखेड़ा तहसील के दूसरे पर धौलपुर
धौलपुर लिफ्ट सिंचाई एवं पेयजल परियोजना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। परियोजना के तहत चम्बल नदी से 6.54 क्युमेक्स पानी प्रत्येक वर्ष माह अक्टूबर से मार्च तक लिफ्ट कर धौलपुर जिले की तहसील धौलपुर के 65 गांवों, तहसील मनियां के 83 गावों, तहसील राजाखेड़ा के 83 गावों एवं तहसील सैंपऊ के 25 गांवों में कुल 256 गांवों के 39980 हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र में स्प्रिंकलर पद्धति के जरिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है।
10 फीसदी पानी की पेयजल में सप्लाई
इस परियोजना में पेयजल के लिए 10 प्रतिशत पानी आरक्षित है। यानी 90 फीसदी पानी सिंचाई के लिए रखा गया है जबकि 10 फीसदी जल पेयजल लाइन से जुड़े गांवों के लोगों को मिल सकेगा। हालांकि, यह पानी मुख्यतय उन क्षेत्रों के लिए रहेगा, जहां पर पानी की किल्लत है। इसमें राजाखेड़ा तहसील शामिल है। यहां चंबल के साथ एक अन्य नदी भी निकलती है लेकिन इसका सीधा लाभ अभी तक क्षेत्र को नहीं मिल पाया है। इसकी मुख्य वजह राजाखेड़ा और मनियां क्षेत्र में कोई बांध नहीं होना है। जबकि बाड़ी, सरमथुरा क्षेत्र में बांध होने से यहां पर कैनाल के जरिए किसानों को समय पानी की उपलब्धता रहती है। बीते तीन साल से भरपूर बरसा होने से बांध लबालब हैं। इस बार कम बारिश के बाद भी पार्वती जैसे बांध भरे हुए हैं।
किसानों को लेना होगा कनेक्शन
परियोजना के तहत एमएस व डीआइ पाइन लाइन डाली हैं। करीब 1700 किलोमीटर की यह लाइनें 256 गांवों से होकर निकली हैं। बता दें कि एक पानी डिग्गी में करीब 400 हेक्टयेर भूमि के लिए जल उपलब्धता रहेगी। लेकिन इन डिग्गियों को चलाने के लिए पंप हाउस बिजली कनेक्शन शुरू होने पर यहां से पानी लिफ्ट होकर गांवों तक पहुंचेगा। वहीं किसानों को भी परियोजना का पानी लेने के लिए कनेक्शन लेना होगा। इसके लिए आवेदन करना होगा। वहीं, कृषि और उद्यान विभाग की ओर से किसानों को स्प्रिंकलर पद्धति के लिए करीब 70 से 80 फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी। बता दें कि एक हाइटेंट पानी से 400 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। क्षेत्र में करीब 50 हाइटेंड बन रहे हैं।
- धौलपुर लिफ्ट सिंचाई और पेयजल परियोजना का ट्रायल चल रहा है। यह बड़ी परियोजना है। परियोजना में 108 डिग्गियां शामिल हैं। जिसमें करीब 70 पानी डिग्गियों के लिए विद्युत कनेक्शन लेने को डिस्कॉम में फाइल लगाई है, जैसे जैसे कनेक्शन मिलेंगे, उसी के साथ पेयजल परियोजना अपने मूर्त रूप में आने लगेगी है। कनेक्शन मिलने पर यह पूरी तरह कार्य करना शुरू कर देगी। हालांकि, आगामी दिनों में किसानों को पानी छोड़ा जाएगा। इससे पहले भी पानी दिया गया था।
- राजीव अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, जल संसाधन विभाग
- परियोजना के लिए विभाग की ओर से करीब 60 फाइलें मिली हैं, जिनके डिमांड नोटिस जारी हैं। निगम ने पूरी तैयारी कर ली है और विद्युत लाइनें बिछाने और डीपी रखवा दी हैं। करीब 45 फाइलों के कनेक्शन कभी शुरू हो सकते हैं, लेकिन अभी उक्त विभाग का मीटर रूम और अन्य कार्य होना शेष है। जैसे जैसे वह कार्य पूर्ण कराकर देंगे तो हम कनेक्शन कर देंगे। बिना मीटर रूम के कनेक्शन नहीं हो सकता है, बिजली खपत की रीडिंग इसी जगह से मालूम होगी।
- विवेक शर्मा, अधीक्षक अभियंता, डिस्कॉम धौलपुर