धौलपुर.शहर में नगर परिषद अधीन सडक़ों के निर्माण कार्य में जमकर कोताही बरती जा रही है। पुराना शहर स्थित टाउन चौकी से फूटा दरवाजा तक बनने वाली सडक़ को बनाने संवेदक ने पिछले 20 दिनों से खोद कर डाल दिया है। जिस कारण मुख्य रास्ते से लोगों का निकलना तक दूभर हो गया है
धौलपुर.शहर में नगर परिषद अधीन सडक़ों के निर्माण कार्य में जमकर कोताही बरती जा रही है। पुराना शहर स्थित टाउन चौकी से फूटा दरवाजा तक बनने वाली सडक़ को बनाने संवेदक ने पिछले 20 दिनों से खोद कर डाल दिया है। जिस कारण मुख्य रास्ते से लोगों का निकलना तक दूभर हो गया है और लोग इस जर्जर सडक़ का शिकार होकर चोटिल हो रहे हैं। संकरी सडक़ के बीच में खुदी होने के कारण मरीजों को हाथों के सहारे उठाकर परिजन ले जाने को मजबूर हैं।
नगर परिषद शहर की छोटी-बड़ी 27 सडक़ों का निर्माण कार्य करा रही है। जिसका कॉन्टे्रक्ट श्रीराम हरि कस्ट्रक्शन कंपनी को 7 करोड़ 25 लाख रुपए में दिया गया है, लेकिन संवेदक द्वारा सडक़ निर्माण कार्यों में जमकर लापरवाही बरती जा रही है। इन 27 सडक़ों में पुराना शहर स्थित टॉउन चौकी से लेकर फूटा दरवाजा तक की सडक़ का निर्माण कार्य भी होना है। जिसको लेकर संवेदक ने इस एक किलोमीटर की सडक़ को 20 दिन पहले खोद कर डाल दिया, लेकिन अभी तक सडक़ निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं किया। पुराना शहर की मुख्य सडक़ के खुदे होने के कारण क्षेत्रीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ खुदी होने के कारण आवागमन में जहां लोग आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं तो स्कूल वाहनों सहित अन्य वाहनों का अवागमन पिछले दिनों से बाधित है। तो वहीं दुकानदारों का व्यापार भी चौपट पड़ा है। जिससे व्यापारियों सहित क्षेत्रीय लोगों में भारी रोष है।
एंबुलेंस और स्कूल वाहनों का आवागमन बंद
निर्माण कार्य के नाम पर संवेदक ने सडक़ को विगत20 दिन पूर्व ही उधेड़ कर रख दिया है और अभी तक कार्य भी प्रारंभ नहीं किया। सडक़ के बीचों बीच लगभग तीन फीट सडक़ खुदी होने के कारण पुराना शहर का मुख्य रास्ता लगभग बंद हो चुका है। जिस कारण न तो स्कूली वाहन ना ही एम्बुलेंस ना ही रिक्शा और ना ही दोपहिया वाहन निकल पा रहे हैं चार पहिया वाहन की बात तो छोडि़ए। अगर क्षेत्र कोई बीमार पड़ जाता है तो उसे हाथों के सहारे उठाकर फूटा दरवाजा तक लाया जाता है। विगत दिनों ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें मरीजों को खटिया या फिर हाथों के सहारे उठाकर निकालना पड़ा। तो वहीं स्कूल जाने वाले नौनिहाल भी सडक़ खुदी होने के कारण परेशानियां भुगत रहे हैं। स्कूल वाहन अब केवल फूटा दरवाजा तक ही जा पा रही है, जिससे बच्चों को इस जर्जर और खुदी एक किलोमीटर सडक़ की अग्निपरीक्षा का पास कर निकलना पड़ रहा है। कई बार छोटे-छोटे बच्चे खुदी सडक़ का शिकार होकर चोटिल तक हो चुके हैं।
पूरी नहीं जर्जर सडक़ का ही होगा पेंचवर्क
शहर में 27 छोटी-बड़ी सडक़ों का निर्माण कार्य होना है। जिसके लिए 10 करोड़ रुपए का बजट भी स्वीकृत हुआ है। इन सडक़ों में टाउन चौकी से लेकर फूटा दरवाजा तक की सडक़ भी शामिल है। बताया जा रहा है कि पहले इस सडक़ का निर्माण कार्य पूर्ण रूप से होना था, लेकिन परिषद को सरकार से सडक़ निर्माण कार्य के लिए बजट नहीं मिलने के कारण अब केवल सडक़ के बीच वाले हिस्से (जहां पाइप लाइनें डालने से जर्जर) हुई सडक़ का ही सीसी नर्माण कार्य कराया जा रहा है। जिस पर स्थानीय लोगों ने भी सवाल उठाए हैं। हालांकि नगर परिषद का मानना है कि पुराना शहर की सडक़ मजबूत और बेहतर है जिस कारण सडक़ के बीचों बीच हो रहे जर्जर भाग में ही निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
27 सडक़ों का होना है निर्माण
शहर की गली कूचों से लेकर मुख्य सडक़ों का हाल बेहाल है। जहां सडक़ के नाम पर सिर्फ गड्ढे ही दिखते हैं। काफी हो हल्ला मचने के बाद हरकत में आए शहर प्रशासन ने गत वर्ष सडक़ निर्माण का इस्टीमेंट बनाकर सरकार को भेजा। जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद 10 करोड़ रुपए में शहर की छोटी-बड़ी 27 सडक़ों का निर्माण कार्य किया जाना है, लेकिन जानकारी के अनुसार सरकार से सडक़ निर्माण को लेकर अभी बजट में से किसी भी प्रकार की कोई राशि नहीं मिली है। जिस कारण भी शहर की सडक़ों के निर्माण कार्य में देरी हो रही है।
पुराना शहर स्थित टाउन चौकी से लेकर फूटा दरवाजा तक सडक़ निर्माण कराया जा रहा है। बारिश होने के कारण संवेदक के प्लांट में पानी भर जाने के कारण निर्माण कार्य रुका है। जल्द ही संवेदक से बात कर सडक़ निर्माण कार्य कराने को कहा जाएगा।
-गुमान सिंह सैनी, एक्सइएन नगर परिषद