एसएएफ में सिपाही छत्रपाल डिंडौरी में पदस्थ हैं। राजस्थान में तैनात गुनगुन बीएसएफ में हैं। 15 अप्रैल को होनी थी दोनो की शादी पर कोरोना काल में ड्यूटी के चलते आगे बढ़ाई।
डिंडौरी/ मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। मौजूद आंकड़ं के मुताबिक, प्रदेश में संक्रमितों की संख्या 2 हज़ार के पार जा पहुंची है। हालांकि, कुछ ऐसे कर्मवीर भी है, जो इस संक्रमण को तेजी से फैलने से रोकने में अहम भूमिका मिभार रहे हैं। इनमें खास पिलरों में से एक है पुलिसकर्मी। वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए पुलिसकर्मी दिन-रात ड्यूटी कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें कड़े इम्तेहान भी देने पड़ रहे हैं, लेकिन वो इसमें पीछे नहीं हट रहे।
ड्यूटी की खातिर टाल दी शादी
प्रदेश के डिंडौरी से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां कोरोना संक्रमण में अपनी जिम्मेदारी निभाने के चलते एक पुलिसकर्मी ने अपनी शादी आगे के लिए टाल दी है। खास बात यह है कि इस पुलिसकर्मी की होने वाली पत्नी भी पुलिस विभाग में ही है और दोनों ने मिलकर शादी को फिलहाल टालने का फैसला लिया है।
15 अप्रैल को होनी थी शादी
बालाघाट जिले के रहने वाले छत्रपाल मर्सकोले एसएएफ के सिपाही हैं। वो आठवीं बटालियन छिंदवाड़ा से डिंडौरी ड्यूटी करने पहुंचे हैं। छत्रपाल की शादी राजस्थान बीएसएफ में तैनात गुनगुन से 15 अप्रैल 2020 को होने वाली थी। दोनो के परिवार वालों ने शादी के सारे इंतजाम कर लिए थे। शादी के कार्ड छप चुके थे और रिश्तेदारों को आमंत्रण पत्र भी भेजे जा चुके थे। आयोजन से संबंधित सभी तैयारियां भी लगभग पूरी कर ली गई थीं। लेकिन के अंतिम माह में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लॉकडाउन हुआ तो शादी की रस्में थम गईं । दोनो ने ये फैसला लिया कि, शादी के लिए तो छुट्टी मिल ही चुकी है, लेकिन देश सेवा का ऐसा मौका कैसे मिलेगा, इसलिए दोनो ने मिलकर अनुकूल समय होने तक शादी टालने का निर्णय लिया, जिसपर दोनो परिवारों ने भी सहमति जताई।
जब तक संक्रमण खत्म नहीं होगा, तब तक नहीं लेंगे फेरे
छत्रपाल का कहना है कि फर्ज से बड़ी कोई रस्म नहीं, लिहाजा इस वक्त फर्ज सबसे पहले है। कोरोना के खिलाफ चल रहे युद्ध के कर्मवीर का कहना है कि जब तक कोरोना की महामारी से देश को निजात नहीं मिल जाती है, तब तक वो शादी करने अपने गांव नहीं जाएंगे। फर्ज के आगे शादी की रस्मों को न्यौछावर करने वाले सिपाही की साथी पुलिसकर्मी भी उनके इस फैसले की तारीफ कर रहे हैं।