
डिंडोरी. डिंडौरी जिले में जल संकट गहराता जा रहा है। हालात ये है कि अब पानी के उपयोग में पाबंदी भी लगाई जा रही है। सरपंच ने ग्रामीणों से कहा है कि जितने पेयजल के संसाधन हैं उससे गिनती के मटके भरे जाएं। यदि ज्यादा पानी लिया तो पंचायत द्वारा कार्रवाई की जाएगी। मामला जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर पंचायत अझवार का है। जहां सरपंच ने ग्रामीणों को यह निर्देश दिए कि गांव का कोई भी सदस्य अब हैंडपंप से 2 से अधिक मटकों को नहीं भरेगा।
2 मटके से ज्यादा पानी भरा तो लगेगा जुर्माना
अझवार गांव में सरपंच के द्वारा गांव में मुनादी कराई गई है कि गांव का कोई भी सदस्य अब एक हैंडपंप से 2 से ज्यादा मटके पानी नहीं भरेगा और अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। बता दें कि गांव में 6 हैंडपंप हैं और सभी नलों से पानी भी आता है। जब पीएचई के अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना है कि पीएचई द्वारा किसी प्रकार की कोई मुनादी अझवार में नहीं कराई गई है। मुनादी ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा कराई गई है। गांव की व्यवस्था की जिम्मेदारी सरपंच की होती है।
पानी का दुरुपयोग न हो इसलिए लिया गया फैसला
अझवार गांव में वर्तमान में 6 हैण्डपंप हैं। सभी नलों में पानी तो आता है लेकिन व्यवस्थाएं न होने पर पानी की दुरुपयोग होता है। जिससे कुछ ग्रामीणों को पानी नही मिल पाता। बताया गया कि गांव के हैंडपम्पों से कुछ लोग जरूरत से ज्यादा पानी लेते है जिससे जरूरत मंद लोगों को पानी नहीं मिल पाता है। पेयजल की व्यवस्था बनाने के लिए अझवार के सरपंच ने बुधवार को मुनादी कराकर ग्रामीणों को कहा है कि जिले भर में जल संकट बना हुआ है। गांव में आने वाले समय में जल संकट और न गहराए इसलिये ग्रामीण अपनी जरूरत के हिसाब से पेयजल के लिए हैंडपंप से 2 मटकों से अधिक पानी न लें ताकि सभी लोगों को पानी मिलता रहे और आगे भी पेयजल का संकट गांव में न हो।