
डिंडोरी. आज एक तरफ तो देशभर में आजादी की 75वीं वर्षगांठ दूमधाम से मनाई जा रही है, तो वहीं, दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी से इस दिन हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। आपको बता दें कि, डिंडोरी जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा युवक को मृत घोषित करने के बाद सरकारी एम्बुलेंस की मदद से गांव की सरहद तक तो पहुंचा दिया गया, लेकिन गांव में प्रवेश से पहले पड़ने वाली नदी बारिश के चलते पूर चलने के चलते पहले तो ग्रामीणों ने नदी पार करने की तमाम जद्दोजहद की, लेकिन कोई पर्याप्त संसाधन न होने के कारण शव ट्यूब पर रखकर पानी के तेज बहाव में तैरते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर ग्रामीण गांव पहुंचे, तब कहीं जाकर मृतक को उसके गांव पहुंचाया जा सका।
सामने आई तस्वीरें अनूपपुर और डिंडोरी जिले के बीच पड़ने वाली नर्मदा नदी का बताया जा रहा है। यहां डिंडोरी के बजाग जनपद इलाके के ग्राम पथरकूचा के बीच नर्मदा नदी बहती है। जो बारिश के कारण बाढ़ की चपेट में है। अनूपपुर जिला के ठाड़पथरा के रहने वाले 55 वर्षीय विशमत नंदा को दिल का दौरा पड़ने पर इलाज के लिए नजदीकी डिंडोरी जिला चिकित्सालय ले जाया गया। यहां उनकी मौत के बाद गृहग्राम ले जाने के लिए ट्यूब में शव रखकर नदी पार करनी पड़ी। मृतक के पार्थिक शरीर को बजाग जनपद क्षेत्र के ग्राम पथरकूचा तक तो एंबुलेंस ले आई लेकिन उनके घर ले जाने के लिए ट्यूब का सहारा लेना पड़ा। तब कहीं जाकर मृतक का अंतिम संस्कार किया जा सका।
ग्रामीणों की मांग
इस संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि, ये कोई नई बात नहीं। उन्हें इस तरह की परिस्थितियों से हर बारिश बारिश के दिनों में गुजरना पड़ता है। ऐसे में कई बार ग्रामीणों के साथ हादसे भी हुए हैं। ग्रामीणों का ये भी कहना है कि, हर बारिश में ऐसे हालात बनते हैं, जिसके चलते ठाड़पथरा के ग्रामीणों को इलाज समेत दूसरे जरूरी कामों के लिए इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग है कि, सरकार को यहां पुल निर्माण करना चाहिए ताकि आगामी समय में ग्रामीणों का और किसी बड़ी अप्रीय घटना से सामना न हो और ग्राणीण इस चुनौती पूर्ण सफर से बच सकें।
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