रोग और उपचार

14 Symptoms of Monkeypox: मंकीपॉक्स के 14 स्पष्ट लक्षण, आंख से लेकर मस्तिष्क तक पर बीमारी का होता है असर

Monkeypox Clear Sign: मंकीपॉक्स के स्पष्ट 14 लक्षण अब सामने आ चुके हैं। आंख से लेकर मस्तिष्क तक पर इस बीमारी का असर होता है।
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Updated: 27 May 2022, 9:00 AM IST
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14 Symptoms of Monkeypox: Conjunctivitis Mood, Blister Problem

मंकीपॉक्स को लेकर लोगों में जानकारी की कमी और स्मॉल पॉक्स से लक्षणों में समानता के कारण इस बीमारी का फैलना जारी है। हालांकि अब इस बीमारी के 14 लक्षण स्पष्ट रूप से सामने आ चुके हैं। यदि दो या तीन लक्षण आपके मैच हों तो आपको तुरंत आइसोलेट होकर डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत होगी।

अब तक मंकीपॉक्स के शुरुआती लक्षणों में बुखार के साथ शरीर पर दाने आना, रात को पसीना, ठंडा और लिम्फ नोड्स बढ़ जाने के बारे में ही बताया गया था। बुखार आने के एक से चार दिन बाद मंकीपॉक्स की दाने निकलते हैं। मंकीपॉक्स के लक्षण मरीज टू मरीज वैरी कर रहे हैं। किसी को नाक और चेहरे के साथ हाथ और पैर पर दाने आ रहे तो किसी को जननांग में दाने हो रहे हैं।

मंकीपॉक्स के स्पष्ट 14 संकेत पहचानें
1.बुखार
2. सिरदर्द
3. मांसपेशियों में दर्द
4. पीठ दर्द
5. ठंड लगना
6. थकावट
7. रात को पसीना
8. सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण, जैसे कंजेशन और नाक बहना
9. सूजे हुए लिम्फ नोड्स
10. कमर में दर्द के साथ सूजन
11. मुंह में छाले
बीमारी की जटिलताओं को इस प्रकार प्रलेखित किया गया था:
12. मस्तिष्क में स्ट्रेस हार्मोन का निकलने से मूड परिर्वतन
13. बदन और सिर में तेज दर्द
14. कंजेक्टिवाइटिस

जानिए कहां-कहां निकल सकते हैं दानें
फेस
सिर-माथे
नाक
जनानांगों में
हथेली और पीठ
पांवों का तले में
अंडकोश की थैली
बता दें कि मंकीपॉक्स के शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे हो सकते हैं। बुखार, चक्कर आना, मतली, थकान और सिरदर्द की समस्या इसमें देखी जाती है। दाने छाले के रूप में कहीं भी निकल सकते हैं और इसमें दर्द भी हो सकता है।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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