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ग्राम मानपुरा में योग की सशक्त पहल, 50 से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित

कुलगुरु प्रो. शिवशंकर मिश्र की प्रेरणा योग विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का संयुक्त आयोजन, ग्रामोत्थान की दिशा में विश्वविद्यालय की सार्थक पहल

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योग विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का संयुक्त आयोजन,

योग विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का संयुक्त आयोजन,

उज्जैन, महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. शिवशंकर मिश्र की प्रेरणा से विश्वविद्यालय के योग विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में गोद ग्राम मानपुरा (जवासियाकुमार) में निःशुल्क योग चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता और ग्राम विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण विद्यार्थियों एवं नागरिकों को योग के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता प्रदान करना था।

स्मरण शक्ति एवं मानसिक संतुलन पर विशेष जोर

शिविर के दौरान विद्यार्थियों को स्मरण शक्ति विकास हेतु विशेष योगाभ्यास कराए गए। शैक्षणिक तनाव को दूर करने के लिए हठयोग के विभिन्न प्रायोगिक अभ्यासों का प्रशिक्षण दिया गया। नाड़ी शोधन, भ्रामरी प्राणायाम, ध्यान तथा विविध आसनों के माध्यम से एकाग्रता, मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया। योग विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास के लाभों से अवगत कराया तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी। इस आयोजन से लगभग 50 विद्यार्थी एवं ग्राम के अनेक नागरिक लाभान्वित हुए।

विशिष्ट उपस्थिति एवं सफल समन्वय

कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. अजय सिंह राठी, विद्यालय के शिक्षकगण, ग्राम सरपंच श्री मनोज टंवर, सचिव प्रीति चौहान, श्रीमती सरोज शर्मा एवं श्रीमती रुपाली शर्मा सहित योग विभाग के 20 विद्यार्थी उपस्थित रहे। शिविर का सफल समन्वय योग विभाग के आचार्य डॉ. वरुण आहूजा, डॉ. रघुवीर पटेल, श्रीमती ईशा पाटीदार एवं तनिषा शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. शिवशंकर मिश्र ने समस्त प्रतिभागियों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए विद्यार्थियों के उत्तम स्वास्थ्य, उज्ज्वल भविष्य एवं सतत प्रगति की कामना की। उन्होंने समाजोपयोगी कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संदेश दिया। यह आयोजन विश्वविद्यालय की सामाजिक उत्तरदायित्व भावना और ग्रामोत्थान के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण सिद्ध हुआ।