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मुस्लिम शिल्पकार ने लिया आजीवन मांसाहार त्याग और प्रतिदिन ‘जिन दर्शन’ का नियम

bhopal news: मानस्तंभ के मुख्य शिल्पकार मोहम्मद असलम ने भगवान की भक्ति से प्रेरित होकर आजीवन मांसाहार त्यागने और प्रतिदिन 'जिन दर्शन' (मंदिर आने) का संकल्प लिया है।

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bhopal news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के अयोध्या नगर स्थित जैन मंदिर में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान के दौरान सांप्रदायिक सद्भाव और श्रद्धा का एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने सभी को भाव-विभोर कर दिया। मंदिर में निर्माणाधीन 41 फीट ऊंचे मानस्तंभ के मुख्य शिल्पकार मोहम्मद असलम ने भगवान की भक्ति से प्रेरित होकर आजीवन मांसाहार त्यागने और प्रतिदिन 'जिन दर्शन' (मंदिर आने) का संकल्प लिया है।

असलम भाई ने मंदिर के प्रति प्रकट की आस्था

विभानाचार्य पंडित कमल जैन हाथीशाह के सानिध्य में असलम भाई ने मंदिर के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की। उन्होंने न केवल नियम लिया, बल्कि विधान के लिए 11,000 रुपये की दान राशि देने की भी घोषणा की। हेमलता जैन 'रचना' ने बताया कि असलम भाई पिछले कई समय से अपने पुत्रों फरदीन, सोहेल और अरबाज के साथ मंदिर का निर्माण कर रहे हैं। इस दौरान वे जैन धर्म के अहिंसा के सिद्धांत से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने स्वेच्छा से यह नियम लिया।

जैन समाज ने की सराहना

मंदिर समिति के मनोज जैन ने बताया कि इस 24 प्रतिमाओं वाले भव्य मानस्तंभ का कार्य पूर्णता की ओर है। इन प्रतिमाओं को गढ़ाकोटा में आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव में पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में प्रतिष्ठित कराया जाएगा। असलम भाई के इस कदम की पूरे जैन समाज ने खड़े होकर तालियों के साथ सराहना की।