kidney infection symptoms: आपको जानकार ये अचरज हो सकता है कि किडनी इंफेक्शन की सबसे ज्यादा समस्या पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है।
किडनी बॉडी को नेचुरली डिटॉक्स करती है क्योंकि ये शरीर से विषैले पदार्थों को छानकर यूरिन के जरिये बाहर करती है। लेकिन जब किडनी बीमार होती है तो सबसे बड़ा खतरा शरीर को शुरू होता है। क्योंकि शरीर से विषैले तत्व बाहर नहीं जा पाते और खून में ये टॉक्सिन समाहित होकर अन्य और बीमारियों का खतरा पैदा करने लगते हैं। किडनी में इंफेक्शन से ही किडनी की खराबी की शुरुआत होती है।
खराब खान-पान की वजह से किडनी में इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। कई बार किडनी में इंफेक्शन ब्लैडर इंफेक्शन और यूरेथ्रा के कारण भी होता हैं। ऐसी स्थिति में बैक्टीरिया ब्लैडर या यूरेथ्रा में पनपते हैं और बढ़ते-बढ़ते किडनी तक पहुंच जाते हैं। तो चलिए जानें कि किडनी में इंफेक्शन के लक्षण क्या हैं, ताकि समय रहते इसका इलाज कर किडनी खराब होने से बचाया जा सके।
किडनी इंफेक्शन के लक्षण-Symptoms of kidney infection
1. पीठ और पेट के बगल में एक तरफ दर्द होना
2. पीठ के निचले हिस्से से दर्द कंधे की तरफ उठना
3. शरीर का तापमान बढ़ना और कंपकंपी के साथ बुखार
4. कमजोरी और थकान महसूस होना
5. भूख में कमी और मचली महसूस होते रहना
6. उल्टी-दस्त होना
7. पेशाब में जलन और दर्द
8. बार-बार यूरीन आना लेकिन खुलकर यूरीन न होना
9. यूरीन में बदबू और ब्लड आना
किडनी इंफेक्शन का खतरा किसे ज्यादा-who is more prone to kidney infection
किडनी में इंफेक्शन पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा होता है और इसके पीछे एक ही वजह है। वह यह कि उनके urethra के साइज का छोटा होता है जिससे बैक्टीरिया जल्दी किडनी तक पहुंच जाते हैं।
किडनी इंफेक्शन से बचाव के उपाय
यूथेरा को बैक्टीरिया मुक्त रखें।
प्राइवेट पार्ट की साफ- सफाई रखें।
किडनी की अच्छी सेहत के लिए अधिक से अधिक पानी का सेवन करें।
डाइट में फाइबर से भरपूर फूड का सेवन करें। एक दिन में फाइबर की 20-30 ग्राम तक की मात्रा को डाइट में शामिल करें।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।
स्वस्थ भोजन और नियमित एक्सरसाइज के अलावा वजन को कंट्रोल में रखें। बढ़ता वजन डायबिटीज, दिल के रोग से जुड़ी अन्य बीमारियों का खतरा पैदा कर सकता है।