रोग और उपचार

अक्सर पेट दर्द और मिचली हो सकता है अपेंडिसाइटिस का संकेत

विशेषज्ञों के मुताबिक अपेंडिक्स की उपयोगिता नहीं है पर इसमें अच्छे बैक्टीरिया होते हैं

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Jul 06, 2019
appendicitis
अक्सर पेट दर्द और मिचली हो सकता है अपेंडिसाइटिस का संकेत

पेटदर्द की दिक्कत को लोग पाचन संबंधी गड़बड़ी समझकर सामान्य मानते हैं। यह अपेंडिसाइटिस रोग का कारण हो सकता है। अपेंडिसाइटिस यानी अपेंडिक्स अंग में संक्रमण होने के कारण सूजन होना है। बारिश में नमी बढ़ने या आमतौर पर लंबे समय से कब्ज रहने से इस रोग का खतरा अधिक रहता है।

पाचनतंत्र में छोटी और बड़ी आंत जहां मिलती है उसके आखिरी सिरे पर स्थित अंग अपेंडिक्स से जुड़ी समस्या है अपेंडिसाइटिस। चार से पांच इंच लंबी और पतली नली जैसा दिखने वाला यह अंग पेट के दाहिने हिस्से में नीचे की ओर होता है। विशेेषज्ञों की राय है कि इस अंग की उपयोगिता नहीं है लेकिन कई शोधों के मुताबिक इसमें अच्छे बैक्टीरिया होते हैं। इस अंग में संक्रमण होने पर स्थिति गंभीर हो जाती है। सर्जरी कर इस अंग को बाहर निकालना ही विकल्प है।

कारण : अपेंडिक्स में गंदगी
लंबे समय तक कब्ज के कारण मल का सूखना व आंतों में संक्रमण से लसीका ग्रंथियों का आकार बढ़ना अपेंडिसाइटिस की मुख्य वजह है। भोजन में फाइबर युक्त चीजें न लेने के कारण पेट साफ नहीं हो पाता और गंदगी अपेंडिक्स में चली जाती है। जिससे इसमें संक्रमण, सूजन और दर्द की स्थिति बनती है।

लक्षण : भूख न लगना, उल्टी
पेट दर्द, उल्टी आना, जी मिचलाना और बुखार होना इसका मुख्य लक्षण है। इसके अलावा भूख न लगना, थकान व आलस और कब्ज रहने जैसी दिक्कतें भी होती हैं।

बचाव : फाइबर युक्त डाइ
संतुलित खानपान लें व सक्रिय दिनचर्या बनाएं। फाइबर से भरपूर फल, सब्जियां, सलाद, ओट्स, दलिया, सूजी से बनी चीजें खाएं। तला-भुना व मसालेदार भोजन से परहेज करें। खूब पानी पीएं।

जांच व इलाज
पेट का एक्स-रे, यूरिन और सीटी स्कैन के जरिए बीमारी का पता चलता है। इसके अलावा ब्लड टैस्ट कराकर संक्रमण की स्थिति स्पष्ट की जाती है। संक्रमण नियंत्रित करने के लिए एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं लेकिन इसका एकमात्र उपचार सर्जरी है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के तहत बारीक छेद के जरिए अपेंडिक्स को निकालते हैं जिससे ज्यादा ब्लड लॉस नहीं होता।

न्यू ट्रीटमेंट
'नोट्स' नेचुरल ऑरिफिक ट्रांसल्यूमिनल एंडोस्कोपिक सर्जरी) एक मिनिमल इंवेसिव सर्जरी है। इसके तहत एंडोस्कोप को मुंह या गुदाद्वार से शरीर में प्रवेश कराकर अपेंडिक्स को निकाला जाता है। इस प्रक्रिया में 2-3 घंटे लगते हैं। यह सुविधा मेट्रो शहरों में ही उपलब्ध है।

Published on:
06 Jul 2019 08:36 pm