Hot or Cold Therapy Giude: जोड़ या कमर में दर्द हो या मोच आ गई हो तो सिकाई से बेहद आराम मिलता है, लेकिन क्या आपको पता है कि किस तरह के दर्द में कौन सी सिकाई करनी चाहिए?
कई बार शरीर के कई अंगों में दर्द बना रहता है। सूजन और मसल्स में खिंचाव आदि की समस्या बेहद आम बात है। लेकिन क्या आपको ये पता है कि किसी अंग में या किस तरह के दर्द में ठंडी या गर्म कौन सी सिकाई करना चाहिए? इस खबर में आपको दर्द के आधार पर सिकाई के बारे में जानकारी देंगे।
कुछ दर्द में जहां सूखी गर्म सिकाई बेहतर होती है तो कुछ में पानी के साथ। वहीं कुछ सिकाई ठंडी यानी बर्फ से करनी चाहिए। तो चलिए जानें सिकाई से जुड़ी ये विशेष बातें।
पीरियड के दर्द में
पीरियड के दर्द में गर्म पानी की सिकाई करनी चाहिए। इसके लिए आप हीटिंग पैड की भी मदद ले सकते हैं। टमी और कमर की सिकाई गर्म पानी से करने से मसल्स की ऐंठन और दर्द दोनों में तेजी से आराम मिलता है।
जोड़ों में दर्द या सूजन में
जोड़ों में दर्द या सूजन में बर्फ की सिकाई करना ज्यादा फायदेमंद होता है। हांलाकि, जोड़ों के दर्द में गर्म और ठंडे दोनों की बारी-बारी सिकाई की भी विधि होती है। यदि मसल्स में खिंचाव है तो बर्फ की सिकाई मदद दे सकती है।
कमर दर्द या पीठ दर्द में
कमर दर्द या पीठ दर्द होने पर आप गर्म पानी की सिकाई करनी चहिए। इसके लिए हीटिंग पैड की मदद लेना चाहिए। इसमें गर्म पानी भरकर कमर की सिकाई करने से तेजी से आराम मिलता है।
मोच आने पर
मोच आने पर सबसे पहले ठंडे पानी यानी बर्फ से सिकाई करनी चाहिए, इसके बाद गर्म पानी से सिकाई करनी चाहिए।
टेनिस एल्बो में दर्द पर
टेनिस एल्बो यानी कोहनी में दर्द हो तो आपको हमेशा बर्फ से सिकाई करनी चाहिए। ठंडी सिकाई से लिगामेंट्स जल्दी जुड़ जाते हैं।
माइग्रेन या दांत दर्द में
माइग्रेन या दांत दर्द में हमेशा बर्फ से सिकाई करनी चाहिए। इससे दर्द का अहसास कम होता है।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।