
शरीर में आयरन की कमी यानी एनीमिया होने पर सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। अमरीका के जामा जर्नल में प्रकाशित एक शोध में यह बात सामने आई है। यह अध्ययन 21 से 90 वर्ष की उम्र के करीब 30 लाख लोगों पर किया गया है। अध्ययन के मुताबिक कान का अंदरूनी हिस्सा ऑक्सीजन के प्रति सेसेंटिव होता है। लेकिन एनीमिक मरीजों में हीमोग्लोबिन न बन पाने के कारण लाल रुधिर कोशिकाएं शरीर में ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाती। ऐसी स्थिति में सुनने की क्षमता प्रभावित होती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि आयरन की कमी को पूरी कर इससे बचा जा सकता है। ऐसे में डाइट में पालक, राजमा ले सकते हैं।
एनीमिया के कारण:
- लौह तत्व वाली चीजों का उचित मात्रा में सेवन न करना।
- मलेरिया के बाद जिससे लाल रक्त करण नष्ट हो जाते हैं।
- किसी भी कारण रक्त में कमी, जैसे-शरीर से खून निकलना (दुर्घटना, चोट, घाव आदि में अधिक खून बहना)
- शौच, उल्टी, खांसी के साथ खून का बहना।
- माहवारी में अधिक मात्रा में खून जाना।
उपचार :
- लौह तत्वयुक्त चीजों का सेवन करें।
- विटामिन 'ए' एवं 'सी' युक्त खाद्य पदार्थ खाएं।
- गर्भवती महिलाओं एवं किशोरी लड़कियों को नियमित रूप से 100 दिन तक लौह तत्व व फॉलिक एसिड की 1 गोली रोज रात को खाने खाने के बाद लेनी चाहिए।
- भोजन के बाद चाय के सेवन से बचें, क्योंकि चाय भोजन से मिलने वाले जरूरी पोषक तत्वों को नष्ट करती है।