रोग और उपचार

Angina: धमनियों के सिकुड़ने से बचाने के लिए जानें ये खास बातें, नहीं होगा हार्ट अटैक

Angina: आम लोगों की तुलना में जो ज्यादा तनाव लेते हैं, धूम्रपान करते हैं या हार्ट अथवा अन्य रोग के कारण रिस्क जोन में हैं उन्हें इसका खतरा रहता है।

2 min read
Jul 11, 2019
angina-know-special-tips-to-avoid-angina
Angina: आम लोगों की तुलना में जो ज्यादा तनाव लेते हैं, धूम्रपान करते हैं या हार्ट अथवा अन्य रोग के कारण रिस्क जोन में हैं उन्हें इसका खतरा रहता है।

Angina: रक्त धमनियां सिकुड़ने से हृदय संबंधी परेशानियां बढ़ जाती हैं। आम लोगों की तुलना में जो ज्यादा तनाव लेते हैं, धूम्रपान करते हैं या हार्ट अथवा अन्य रोग के कारण रिस्क जोन में हैं उन्हें इसका खतरा रहता है।

आदतें जो पड़ती भारी: गर्म कपड़े न पहनना, अलसुबह टहलना, अधिक पानी पीना, चिकनाई युक्त व नमक वाला आहार लेना, हैवी एक्सरसाइज आदि।

क्या हो सकती है परेशानी: लापरवाही से शुरुआत में सांस फूलने, घबराहट व सीने में दर्द (एन्जाइना) जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। ध्यान न देने पर समस्या हार्ट फेल्योर, अटैक या कार्डिएक अरेस्ट का रूप ले सकती है।

इमरजेंसी में ये करें: मरीज को आराम से बैठाएं। उसे एस्प्रिन या डिस्प्रिन खिलाएं ताकि वह अस्पताल पहुंचने की स्थिति में आ जाए। उसे अस्पताल व्हीकल से ही ले जाएं, मरीज को चलाएं-फिराएं नहीं इससे हार्ट पर जोर पड़ता है।

डाइट चार्ट व वर्कआउट रुटीन भी डॉक्टर की सलाह से तय करें।
ज्यादा चिकनाई युक्त व नमक वाले भोजन से परहेज करें।
40 साल से अधिक उम्र व ज्यादा वजन वाले लोग बीपी, शुगर आदि की जरूरी जांचें कराएं।
पहले से बीमार हैं तो दवा समय से लें और तनाव से बचने के लिए योग व मेडिटेशन करें।
धूम्रपान व शराब से दूरी बनाएं।
रोजाना 7 से 8 गिलास पानी पीएं।
लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां:
सुबह थोड़ी धूप निकलने के बाद ही टहलें व शरीर को अच्छी तरह कवर करके जाएं।
अस्थमा के मरीज घर से बाहर चेहरे पर कुछ बांधकर ही निकलें।
एक्सरसाइज से पहले बॉडी वार्मअप करें। अचानक हैवी वर्कआउट या वजन उठाने से बचें। इससे दिल पर दबाव बढ़ेगा।
दिनभर में डॉक्टर से तय कर पानी की मात्रा लें। सर्दियों में पसीना नहीं आता व अधिक पानी पीने से रक्तधमनियां सिकुड़ती हैं। इससे रक्तसंचार बाधित होता है। हृदयाघात और फेल्योर की आशंका भी बढ़ती है।

किनको ज्यादा खतरा -
40 वर्ष से अधिक उम्र, मोटापे व तनावग्रस्त लोग।
हाई बीपी, अस्थमा, शुगर के मरीज व जिन्हें धूम्रपान-शराब आदि की लत है।
जो पहले से हृदय संबंधी किसी परेशानी से जूझ रहे हैं या फैमिली हिस्ट्री रही है।

Published on:
11 Jul 2019 05:38 pm