रोग और उपचार

Arthritis: पुरानी चोट से ही नहीं फंगस से भी होता है गठिया

Arthritis In Hindi: गठिया जोड़ों की सूजन व दर्द से जुड़ा रोग है। यह रोग आमतौर पर ओस्टियोआर्थराइटिस और रुमेटॉयड आर्थराइटिस के रूप में होता है
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Oct 04, 2019
Arthritis: Risk Factor, Symptoms, Cause And Treatment
Arthritis: पुरानी चोट से ही नहीं फंगस से भी होता है गठिया

Arthritis In Hindi: गठिया जोड़ों की सूजन व दर्द से जुड़ा रोग है। यह रोग आमतौर पर ओस्टियो आर्थराइटिस ( Osteoarthritis ) और रुमेटॉयड आर्थराइटिस ( Rheumatoid arthritis ) के रूप में होता है। बढ़ती उम्र के साथ रोग की आशंका भी बढ़ती है। पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस रोग की चपेट में ज्यादा आती हैं। भारत में गठिया लगभग 15 प्रतिशत लोगों में है। इससे लगभग दो करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हैं।

Arthritis Symptoms
लक्षण: रुमेटॉयड आर्थराइटिस एक ऑटो-इम्यून बीमारी है। इसमें शरीर का प्रतिरोधी तंत्र स्वयं की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगता है। ऐसा खासतौर पर प्रमुख जोड़ वाले हिस्से में होता है। जिस कारण उसमें दर्द, सूजन व लालिमा ( joint inflammation ) आ जाती है। साथ ही सुबह उठते ही अंगुलियां मुड़ जाती हैं, कमजोरी, जकड़न, थकावट व बुखार जैसा महसूस होता है। वहीं जुवेनाइल आर्थराइटिस ( Juvenile arthritis ) में रुमेटॉइड जैसे लक्षण 16 वर्ष की उम्र से पहले दिखाई देने लगते हैं। यह आनुवांशिक कारण से हो सकता है।

Arthritis Treatment
रोग का इलाज: इलाज के रूप में खासतौर पर दवाओं की मदद ली जाती है। साथ ही कुछ एक्सरसाइज करने की सलाह देते है। कुछ मामलों में जब स्थिति गंभीर हो जाती है तो सर्जरी करते हैं। जैसे सिनोवेक्टॉमी, टोटल जॉइंट रिप्लेसमेंट आदि।

Arthritis Cause
प्रमुख कारण : रुमेटॉयड आर्थराइटिस के लिए कुछ वायरस, बैक्टीरिया व फंगस भी जिम्मेदार हैं। कुछ वैज्ञानिकों के अनुसार यह वंशानुगत होने के अलावा किसी प्रकार के इंफेक्शन, वातावरण संबंधी तथ्य के प्रभाव से इम्यून सिस्टम पर हुए प्रभाव से भी ऐसा हो सकता है। कई शोध ऐसे भी हुए जिसमें रुमेटॉयड आर्थराइटिस के मामले ज्यादातर धूम्रपान करने वालों में पाए गए। जोड़ों में लगी पहले कोई ऐसी चोट जो पूरी तरह से ठीक न हुई हो वजह बन सकती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
04 Oct 2019 12:37 pm