
अक्सर बहुत ज्यादा खुश हो जाना या कभी-कभी अचानक अवसाद में चले जाना बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण हैं। इसका इलाज संभव है। कुछ बातों का ध्यान रखकर इससे बचा जा सकता है।
लक्षण दिखें तो हों सावधान-
बहुत ज्यादा खुश रहने पर पैसे बांटना।
हर पल गाना सुनते रहना।
बहुत ज्यादा दोस्त बनाना, जल्दी-जल्दी बात करना, रात-रातभर जागना, अपने से छोटों पर रौब झाडऩा और उन्हें मारना-पीटना।
किसी भी बात पर ध्यान न लगाना।
कारण-
इस बीमारी का कारण कोई निश्चित नहीं होता है। जेनेटिक, न्यूरोट्रांसमीटर इम्बैलेंस, एब्नॉर्मल थायरॉयड फंक्शन, स्टे्रस का हाई लेवल भी इसका कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बीमारी से पीडि़त व्यक्ति नॉर्मल लाइफ जी सकता। ऐसे लोग नॉर्मल और फैमिली लाइफ एंजॉय करते हैं।
क्या है बाइपोलर डिसऑर्डर -
बाइपोलर डिसऑर्डर में दो तरह की स्थिति होती है। एक उदासी और दूसरा खुश होने पर व्यक्ति इतना डिप्रेशन में चला जाता है कि आत्महत्या जैसी खतरनाक कोशिश भी कर बैठता है। खुश और दुखी होने पर रोगी कुछ भी कर सकता है। इसका असर हफ्तों, महीनों या सालों तक रह सकता है।
इलाज - बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज संभव है। इसके लिए मनोचिकित्सक को दिखाएं। ज्यादातर मामलों में दवाओं से पीडि़त को राहत मिल जाती है।
कई बार पर्याप्त नींद लेने के लिए कहा जाता है।
दवाइयों के साथ मनोचिकित्सक कुछ थैरेपी लेने की सलाह देते हैं।