रोग और उपचार

Passive smoking: पैसिव स्मोकिंग से हड्डियां कमजोर

Passive smoking: बचपन में पैसिव स्मोकिंग (धूम्रपान करने वाले के पास रहने वाले) के दायरे में रहने से युवावस्था में रुमेटॉयड आर्थराइटिस का खतरा रहता है

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Sep 07, 2019
Passive smoking: पैसिव स्मोकिंग से हड्डियां कमजोर
Passive smoking: पैसिव स्मोकिंग से हड्डियां कमजोर

Passive smoking: बचपन में पैसिव स्मोकिंग (धूम्रपान करने वाले के पास रहने वाले) के दायरे में रहने से युवावस्था में रुमेटॉयड आर्थराइटिस का खतरा रहता है। रुमेटोलॉजी की एनुअल यूरोपियन कॉन्फ्रेंस में हुए एक शोध के दौरान यह बात सामने आई। यह जोड़ों से जुड़ी समस्या है। जिसमें हाथ-पैर के जोड़ों प्रभावित होते हैं।

पैसिव स्मोकिंग के खतरे ( passive smoking dangers )

दिल की बीमारियों का रहता है खतरा:
पैसिव स्मोकिंग से कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसका धुंआ रक्त की धमनियों पर कार्टिसोल जमा कर देता है जिससे रक्त प्रवाह अवरोधित हो जाता है इससे गंभीर बीमारी होने का खतरा पैदा हो जाता है। इससे दिल का दौरा भी पड़ सकता है इसलिए पैसिव स्मोकिंग से दूर रहने का प्रयास करें।

छोटे बच्चों के लिए हानिकारक:
माता-पिता को अपने बच्चों को सिगरेट के हानिकारक धुएं से दूर रखना चाहिए। बच्चों के फेफड़े अधिक संवेदनशील होते हैं इससे उन्हें ब्रोकाइटिस, संक्रमण, खांसी, अस्थमा का अटैक होने से गंभीर बीमारी हो सकती है।

गर्भपात का डर:
पैसिव स्मोकिंग का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव तब होता है जब गर्भवती मां के शरीर में ये धुंआ लगातार पहुंचता है। इससे सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम होने का खतरा रहता है, जिससे गर्भपात होने की आशंका रहती है। इसलिए गर्भवती महिला को इससे दूर रहना चाहिए।

Published on:
07 Sept 2019 04:56 pm