रोग और उपचार

कैंसर के प्रकार व मरीज की स्थिति के अनुसार होती बे्रकीथैरेपी

सामान्यत: इस थैरेपी के दौरान दुष्प्रभाव के रूप में स्वस्थ कोशिकाएं भी नष्ट हो जाती हैं

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Jul 09, 2019
cancer treatment
कैंसर के प्रकार व मरीज की स्थिति के अनुसार होती बे्रकीथैरेपी

ज्यादातर कैंसर के इलाज में रेडियोथैरेपी उपयोगी है। इसे कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में प्रयोग करते हैं। सामान्यत: इस थैरेपी के दौरान दुष्प्रभाव के रूप में स्वस्थ कोशिकाएं भी नष्ट हो जाती हैं। मेडिकली यह पूर्ण इलाज न होकर इलाज का हिस्सा है जिसे सर्जरी या कीमोथैरेपी के साथ देते हैं। आधुनिक इलाज के रूप में कैंसर के मरीज को आजकल ब्रेकीथैरेपी देते हैं। जिसमें रेडियोएक्टिव चीजों को ट्यूमर के आसपास डाल देते हैं। एक्सपर्ट बता रहे हैं रोग के प्रकार व फैलाव के आधार पर दी जाने वाली रेडियोथैरेपी के बारे में-

शरीर में भीतर से डोज देना
इसमें रेडियोएक्टिव चीजों को इम्प्लांट कर या रेडियोएक्टिव लिक्विड के रूप में शरीर में डाल देते हैं। इसकी दो तकनीकें हैं-
ब्रेकीथैरेपी : इसके तहत कैंसर ट्यूमर में या आसपास रेडियोएक्टिव मेटल वायर, सीड (बीज) या ट्यूब को डालते हैं। कुछ कैंसर के इलाज में इन बीजों को मरीज के शरीर में प्रभावित हिस्से के पास स्थायी रूप से छोड़ देते हैं जिससे यदि ट्यूमर के वापस बनने की आशंका हो तो ये बीज उन्हें नष्ट कर सकें। इस थैरेपी के दौरान मरीज को अस्पताल में रोका नहीं जाता।

रेडियोआइसोटोप/रेडियोन्यूक्लाइड: कैंसर कोशिकाओं में रेडिएशन को कैप्सूल, तरल पदार्थ या इंजेक्शन के जरिए नसों से पहुंचाते हैं। इसमें प्रयोग होने वाला तरल आइसोटोप होता है जो फॉस्फोरस, रेडियम, स्ट्रॉन्टियम या आयोडीन आदि प्रकार का होता है। इन्हें कैंसर के प्रकार के अनुसार देते हैं जो ट्यूमर से चिपककर उसे खत्म कर देता है। कैंसररहित ट्यूमर को नष्ट करने में भी इसे प्रयोग करते हैं।

बाहर से रेडिएशन देना
बाहरी रूप से रेडिएशन को कई तरीकों से देते हैं। जिसमें चार तरीके प्रमुख रूप से अपनाए जाते हैं, जो हैं-
आईएमआरटी (इंटेंसिटी मॉड्यूलेटेड रेडिएशन थैरेपी): इसमें रेडिएशन बीम को फोकस कर विकिरणों को कैंसर ट्यूमर पर डालते हैं ताकि स्वस्थ कोशिकाएं नष्ट न हो। यह किसी भी कैंसर के इलाज में उपयोगी है।

एसबीआरटी (स्टीरियोटेक्टेड बॉडी रेडिएशन थैरेपी): हाई डोज वाली रेडिएशन को एक समय पर बार-बार देकर बेहद छोटे कैंसर ट्यूमर को नष्ट करते हैं।

आईजीआरटी (इमेज गाइडेड रेडिएशन थैरेपी): इसमें विकिरण चिकित्सा देने से पहले कैंसरग्रस्त हिस्से की कई तस्वीरें हर एंगल से लेकर ट्यूमर के फैलाव व सही जगह का पता लगा सकते हैं।

ईबीटी (इलेक्ट्रॉन बीम थैरेपी या इलेक्ट्रॉन थैरेपी): रेडियोथैरेपी में इलेक्ट्रॉन व फोटोन्स से ट्यूमर को नष्ट करते हैं। लेकिन इसमें सिर्फ इलेक्ट्रॉन्स को ट्यूमर पर डालते हैं जिससे त्वचा पर असर नहीं होता।

Published on:
09 Jul 2019 03:38 pm