रोग और उपचार

इस मौसम में हार्ट अटैक की आशंका 25% ज्यादा, ये 7 कारण जान लीजिए

सर्दी के मौसम में दिल का दौरा पडऩे के मामले लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं। हृदय रोगों से प्रभावित लोगों के लिए ठंड अत्यंत नुकसानदेह साबित हो सकती है। ठंडक से कोरोनरी आर्टरी डिजीज यानी हार्ट की ब्लड वेसेल्स में थक्का जमने से दिल का दौरा पडऩे के मामले कहीं ज्यादा बढ़ जाते हैं। हार्ट व ब्लड प्रेशर के मरीज विशेष सावधानी बरतें।
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Updated: 24 Sep 2023, 3:49 PM IST
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सर्दी के मौसम में दिल का दौरा पडऩे के मामले लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं। हृदय रोगों से प्रभावित लोगों के लिए ठंड अत्यंत नुकसानदेह साबित हो सकती है। ठंडक से कोरोनरी आर्टरी डिजीज यानी हार्ट की ब्लड वेसेल्स में थक्का जमने से दिल का दौरा पडऩे के मामले कहीं ज्यादा बढ़ जाते हैं। हार्ट व ब्लड प्रेशर के मरीज विशेष सावधानी बरतें।

सर्दी के मौसम में दिल का दौरा पडऩे के मामले लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं। हृदय रोगों से प्रभावित लोगों के लिए ठंड अत्यंत नुकसानदेह साबित हो सकती है। ठंडक से कोरोनरी आर्टरी डिजीज यानी हार्ट की ब्लड वेसेल्स में थक्का जमने से दिल का दौरा पडऩे के मामले कहीं ज्यादा बढ़ जाते हैं। हार्ट व ब्लड प्रेशर के मरीज विशेष सावधानी बरतें।

इन बातों पर दें ध्यान
हार्ट के रोगी हैं तो सुबह की सैर और व्यायाम के दौरान खास ख्याल रखने की जरूरत है। स्वयं को पूरा ढककर सैर करने जाएं तथा जो हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं, वे अपनी दवाएं नियमित लें तथा जो हार्ट के मरीज हैं, उन्हें अपनी ब्लड थिनर (रक्त को पतला करने वाली दवाएं) अवश्य लेनी चाहिए। योगासन वरदान साबित हो सकता है। इसी तरह प्राणायाम करना भी लाभप्रद है।

१. ठंडक, शरीर के सिम्पथेटिक सिस्टम को उत्तेजित कर देता है जिससे हार्ट में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है, धडक़न भी बढ़ जाती है जिससे हार्ट पर ज्यादा काम करने का दबाव पड़ता है।

२. अत्यधिक ठंड से हृदय के अलावा मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों की धमनियां सिकुड़ती हैं। रक्त प्रवाह में रुकावट आती और रक्त के थक्का बनने की आशंका अधिक हो जाती है।

३. अक्सर लोग अत्यधिक सर्दियों के कारण रजाई या कंबल में आराम करने को प्राथमिकता देते हैं। इससे इनकी फिजिकल एक्टिविटीज बंद हो जाती हैं। सर्दियों में लोग देर से उठते हैं। इस दौरान लोग सुबह की सैर भी नहीं करते हैं।

४. सर्दियों के खानपान में भी लोग चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थ अधिक खाते हैं। जिसके कारण ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है। इससे भी हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ता है।

५. इस मौसम में नमकीन-चटपटी चीजें खाने का ज्यादा मन करता है। अधिक नमक ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। चाय भी ज्यादा पीते हैं। मादक पदार्थों का सेवन भी बढ़ जाता है।

६. सर्दी में वायु प्रदूषण एक अहम कारण है। ठंडा मौसम, धुंध और प्रदूषक फेफड़ों में ऑक्सीजन की मात्रा प्रभावित करते हैं। हार्ट की पम्पिंग क्षमता को भी कम करते हैं।

७. अमूमन लोग कम पानी पीते हैं, जिससे नसें सिकुडऩे लगती हैं। इसका नुकसान हृदय रोगियों को होता है। हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
24 Sep 2023, 3:49 PM IST
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