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Hormone Therapy: मेनोपॉज के बाद ली जाने वाली हार्मोन थैरेपी से जुड़े भ्रम और सच्चाई

Hormone Therapy: महिलाओं में मेनोपॉज यानी 40-45 वर्ष की आयु के बीच से मासिक चक्र बंद होना आम है। लेकिन कुछ महिलाओं में इससे जुड़े कई भ्रम हैं जिनका दूर होना जरूरी है।

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Jul 10, 2019
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Hormone Therapy: महिलाओं में मेनोपॉज यानी 40-45 वर्ष की आयु के बीच से मासिक चक्र बंद होना आम है। लेकिन कुछ महिलाओं में इससे जुड़े कई भ्रम हैं जिनका दूर होना जरूरी है।

महिलाओं में मेनोपॉज यानी 40-45 वर्ष की आयु के बीच से मासिक चक्र बंद होना आम है। यह ऐसी अवस्था है जिसमें इसके बाद से कमजोर हड्डियां (ऑस्टिओपोरोसिस) और एस्ट्रोजन व प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन की कमी जैसे बदलाव होते हैं। इसके लिए विशेषज्ञ महिलाओं को एमएचटी (मेनोपॉज हार्मोन थैरेपी) लेने की सलाह देते हैं ताकि हार्मोन की कमी और इससे जुड़े दुष्प्रभाव दूर हो सकें। लेकिन कुछ महिलाओं में इससे जुड़े कई भ्रम हैं जिनका दूर होना जरूरी है।

भ्रम : मेनोपॉज के बाद हर महिला के लिए एमएचटी अनिवार्य है।
सच : ऐसा नहीं है, जिस महिला में मेनोपॉज के बाद के लक्षण ज्यादा दिखते हैं उनमें इसकी जरूरत होती है। लक्षणों में हॉट फ्लश (गर्मी लगना व पसीना आना), अनिद्रा, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन आदि शामिल हैं। विशेषज्ञ मेनोपॉज की उम्र के दो साल पूर्व या बाद के पांच साल के बीच थैरेपी शुरू करने के लिए कहते हैं। यह विंडो ऑफ अपॉच्युनिटी कहलाती हैै।

भ्रम : थैरेपी से ब्रेस्ट व यूट्रस कैंसर की आशंका बढ़ती है।
सच: सिर्फ एस्ट्रोजन हार्मोन लेने वालों में इसकी आशंका न के बराबर होती है। लेकिन एस्ट्रोजन व प्रोजेस्ट्रॉन की कम्बाइन थैरेपी लेने वाली महिलाओं में बे्रस्ट कैंसर की आशंका रहती है। ऐसे में शरीर की जरूरत के अनुसार डॉक्टरी परामर्श से हार्मोन लें।

भ्रम : एमएचटी से हृदय से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ता है।
सच: 60 साल की उम्र व मेनोपॉज से हृदय पर दबाव पड़ना शुरू होता है। ऐसे में इससे पहले ही एमएचटी शुरू कर देनी चाहिए ताकि ऐसी दिक्कत न हो।

भ्रम : इस थैरेपी से ब्लड क्लॉटिंग की दिक्कत हो सकती है।
सच : आमतौर पर मेनोपॉज हार्मोन थैरेपी को दवा, जैल, क्रीम या स्किन पैच के रूप में देते हैं। अधिकतर महिलाओं को जैल, क्रीम या पैच के रूप में हार्मोन दिए जाते हैं जो धीरे-धीरे शरीर में पहुंचते हैं। लेकिन जिन महिलाओं को दवा के रूप में हार्मोन दिए जाते हैं उनमें ब्लड क्लॉट हो सकता है।

भ्रम : एमएचटी खतरनाक होने के साथ वजन बढ़ाती है।
सच: डॉक्टरी सलाह पर जरूरत के अनुसार थैरेपी ली जाए तो कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। मेनोपॉज के बाद कुछ महिलाओं में वजन बढ़ने लगता है जिसका एमएचटी से कोई संबंध नहीं है।

Updated on:
09 Jul 2019 07:04 pm
Published on:
10 Jul 2019 08:37 am