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#Coronavirus Update: कोरोनावायरस संचरण को धीमा कर सकता गर्म तापमान – शाेध

#Coronavirus Update: दुनियाभर में कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच, एक नए शोध में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि गर्म इलाकों में रहने वाले समुदायों में कोरोनावायरस का संचरण बहुत धीमी गति से होता है। यह शोध मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के वैज्ञानिकों ने किया है...

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Mar 23, 2020
#Coronavirus Update: COVID-19 less spread in warmer temperature
#Coronavirus Update: कोरोनावायरस संचरण को धीमा कर सकता गर्म तापमान - शाेध

#Coronavirus Update: दुनियाभर में कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच, एक नए शोध में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि गर्म इलाकों में रहने वाले समुदायों में कोरोनावायरस का संचरण बहुत धीमी गति से होता है। यह शोध मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के वैज्ञानिकों ने किया है।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एमआईटी के शोधकर्ता - कासिम बुखारी और यूसुफ जमील के मुताबिक 3 से 17 डिग्री सेल्सियस तक के कम तापमान वाले क्षेत्रों में अधिकांश कोरोनावायरस संक्रमण पाया गया। हांलाकि उन्होंने यह भी कहा कि गर्म तापमान महामारी फैलने की गति को धीम कर सकता है,लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसका प्रकोप नहीं होगा।

गर्म क्षेत्राें कम रहा COVID-19
शोधकर्ताओं के अनुसार, वर्तमान में 18 डिग्री सेल्सियस से अधिक औसत तापमान में गर्मी का सामना कर रहे दक्षिणी गोलार्ध के देशों में भी कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज हुए है। लेकिन ये विश्वस्तर पर फैल रहे संक्रमण का 6 प्रतिशत से कम हिस्सा है।

बुखारी ने कहा कि जहां भी तापमान ठंडा था, वहां मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है, आप यूरोप को देख सकते हैं, भले ही वह स्वास्थ्य देखभाल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ में से एक है।

तापमान पर कोरोनावायरस के प्रकोप की निर्भरता संयुक्त राज्य अमेरिका में देखी जा सकती है। एरिज़ोना, फ्लोरिडा और टेक्सास जैसे दक्षिणी राज्यों में वाशिंगटन, न्यूयॉर्क और कोलोराडो जैसे अपेक्षाकृत कम तापमान वाले राज्यों की तुलना में धीमी वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि गर्म तापमान इस वायरस को कम प्रभावी बना सकता है, लेकिन कम प्रभावी संचरण का मतलब यह नहीं है कि कोई संचरण नहीं है। हमें उसमें भी सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।

पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के सहायक निदेशक, जारबस बारबोसा का कहना है कि स्वास्थ्य अधिकारियों को यह स्पष्ट करने में चार से छह सप्ताह का समय लगेगा कि जलवायु पैटर्न कोरोनोवायरस के प्रकोप को प्रभावित करते हैं या नहीं।

Published on:
23 Mar 2020 10:49 pm