रोग और उपचार

Coronavirus Update: सुरक्षा की मांग पर, नौकरी से निकाले जा रहे हैं हेल्थ केयर वर्कर्स

Coronavirus Update: कोरोनावायरस से लोगों का बचाने के लिए, जंग लड़ रहे कई अस्पतालों के हेल्थ केयर वर्कर्स को प्रबंधन द्वारा नौकरी से निकाल देने की धमकियां दी जा रही हैं। क्योंकि इन स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोनोवायरस महामारी के दौरान अपनी...

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Mar 31, 2020
Coronavirus Update: Hospitals Threatening to fire health-care workers
Coronavirus Update: सुरक्षा की मांग पर, नौकरी से निकाले जा रहे हैं हेल्थ केयर वर्कर्स

coronavirus Update: कोरोनावायरस से लोगों का बचाने के लिए, जंग लड़ रहे कई अस्पतालों के हेल्थ केयर वर्कर्स को प्रबंधन द्वारा नौकरी से निकाल देने की धमकियां दी जा रही हैं। क्योंकि इन स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोनोवायरस महामारी के दौरान अपनी खराब कामकाजी स्थितियों को मीडिया के सामने रखा।

वाशिंगटन राज्य के आपातकालीन कक्ष के चिकित्सक मिंग लिन ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को बताया गया कि उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया गया है, क्योंकि उन्होंने एक अखबार को दिए साक्षात्कार में अपर्याप्त सुरक्षात्मक उपकरण और परीक्षण की समस्याओं का खुलासा किया था।

शिकागो में, एक नर्स इसलिए निकाल दिया गया क्योंकि वह ड्यूटी पर रहते हुए अधिक सुरक्षात्मक मास्क पहनना चाहती थी।

न्यूयॉर्क में, NYU लैंगो हेल्थ सिस्टम ने कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि अगर वे बिना प्राधिकरण के मीडिया से बात करते हैं तो उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया जाएगा।

वॉशिंगटन स्टेट नर्सेज एसोसिएशन के एक प्रवक्ता रूथ शूबर्ट ने कहा कि अस्पताल अपनी छवि को बनाए रखने की कोशिश में नर्सों और अन्य स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों का अपमान कर रहे हैं। एक समय था जब अस्पतालों में रोगी गोपनीयता की रक्षा के लिए सख्त मीडिया दिशानिर्देश थे, कर्मचारी केवल आधिकारिक जनसंपर्क कार्यालयों के माध्यम से ही पत्रकारों से बात करने का आग्रह कर सकते थे। लेकिन महामारी ने अब एक नए युग की शुरूआत की है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं के पास जनता को यह बताने का अधिकार होना चाहिए की जहां वे कोविड-19 रोगियों की देखभाल कर रहे हैं, वहां की सुविधा स्थिति कैसी है।

शूबर्ट ने कहा कि चीन में, कोरोनावायरस का खुलासा दिसंबर के अंत में एक डॉक्टर ने ऑनलाइन चैट के जरिए ही किया था। जिसके बाद उन्हें सरकार ने फटकार लगाई थी और पुलिस ने भी उन्हें इस बयान पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया था कि पोस्ट अवैध थी। बाद में एक मरीज से संक्रमित होने के कारण उनकी मौत हो गई।

हार्वर्ड लॉ स्कूल के बायोएथिक्स सेंटर के संकाय निदेशक ग्लेन कोहेन ने कहा कि हेल्थ केयर वर्कर्स का अपने भय और चिंताओं को व्यक्त करने में सक्षम होना अच्छा है, खासकर इस वजह से उन्हें बेहतर सुरक्षा मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि यह संभावना है कि अस्पताल प्रतिष्ठित क्षति को सीमित करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि जब स्वास्थ्य देखभाल कर्मी कहते हैं कि उनकी सुरक्षा नहीं की जा रही है, तो जनता अस्पताल की व्यवस्था से बहुत परेशान हो जाती है।

Published on:
31 Mar 2020 11:56 pm