
युवाओं में बढ़ता डिप्रेशन कई दिक्कतें पैदा करता है। इनमें आर्थराइटिस, पेट से जुड़े रोग, स्किन प्रॉब्लम और बेचैनी शामिल हैं। ब्रसेल्स यूनिवर्सिटी (स्विटरलैंड) में बच्चों और युवाओं में शारीरिक व मानसिक बीमारियों का सम्बंध जानने के लिए यह शोध कराया गया। यह शोध 13 -18 वर्ष के 6,483 किशोरों पर हुआ। शोधानुसार शारीरिक रोगों के इलाज से पहले मानसिक स्थिति भी जानना जरूरी है।
डिप्रेशन के नुकसान
- डिप्रेशन आपको शारीरिक रूप से भी प्रभावित करता है जिसमें एक व्यक्ति भारी या सुस्त महसूस करने लगता है। कई बार व्यक्ति को परेशानी और बेचैनी भी महसूस होने होती है।
- डिप्रेशन के रोगी को अपने डॉक्टर से शारीरिक दर्द के बारे में जरूर बात करनी चाहिए, जैसे- जोड़ों का दर्द या फिर पीठ का दर्द। एक व्यक्ति को दर्द के कारण भी डिप्रेशन की समस्या आ सकती है। यह भी संभव है कि उनके दर्द और मनोदशा का एक ही कारण हो।
- डिप्रेशन से ग्रसित लोगों को पेट से जुड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है जैसे- उन्हें दस्त या कब्ज की समस्या भी हो सकती है। डिप्रेशन के दौरान ऐसे लक्षण सेरोटोनीन के कारण होते हैं क्योंकि यह सीधे आपके पेट पर प्रभाव डालता है। वास्तव में शरीर में सेरोटोनिन का उत्पादन होता है जो सीधे आपके पेट में जमा होता है।