
डायबिटीज़ एक तरह से चयापचय (मेटाबॉलिक) में खराबी की अवस्था है। हाई ब्लड शुगर लेवल को हम डायबिटीज़ यानी मधुमेह के नाम से जानते हैं। अगर इसकी जांच न की जाए, तो इससे त्वचा और आंखों से जुड़ी आम परेशानियों से लेकर ब्रेन स्ट्रोक और नर्वस सिस्टम से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। डायबिटीज के मरीज को खानपान के साथ दिनचर्या का खयाल रखना चाहिए जिससे व्यक्ति का जीवन संतुलित रह सके।
1- डायबिटीज के मरीज को घी, तेल, तली भुनी, फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक, जंक फूड, आइसक्रीम, चॉकलेट, पैक्ड फूड और बासी खाना खाने से बचना चाहिए।
2- जिसका वजन सामान्य से अधिक है उसे 10 हजार कदम रोजाना चलना चाहिए वजन के अनुसार डॉक्टरी राय पर इसमें बदलाव हो सकता है। डॉक्टरी सलाह लें।
3- डायबिटीज रोगी को खानपान डाइट चार्ट के अनुसार रखना चाहिए। जांच रिपोर्ट, डायबिटीज के प्रकार, उम्र, कदकाठी और दिनचर्या के आधार पर खाना और समय तय होता है।
4- घर का बना सामान्य और पौष्टिक खाना फायदेमंद रहता है। मिक्स ग्रेन आटा सेहत के लिए अच्छा है। गेंहू, जौ, बाजरा और चने के मिश्रण से तैयार बेजड़ की रोटी डायबिटीज में फायदा करती है।
5- मधुमेह के रोगी के लिए रोजाना 30 से 45 मिनट की वॉक के साथ रोजाना हल्की फुल्की एक्सरसाइज जरूरी है। जॉगिंग टहलना दिनचर्या में शामिल होना चाहिए।
6- मधुमेह रोगी वही खाद्य पदार्थ लें जिसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 55 से कम है वे सुरक्षित हैं। ग्लाइसेमिक इंडेक्स 70 से अधिक है तो उसे न खाएं। फलों का जूस तो बिलकुल न लें।
7- मधुमेह रोगी फल खा सकते हैं। ब्लड शुगर लेवल के अनुसार डॉक्टरी सलाह पर सेब, पपीता, जामुन, अमरूद जैसे अन्य फल 24 घंटे के भीतर 100 ग्राम खा सकते हैं।
8- जिन लोगों को डायबिटीज नहीं है उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। मीठा नियंत्रित मात्रा में लें, नियमित व्यायाम करें और समय-समय पर जांच करवाते रहें।