गर्मियों में शरीर का तापमान संतुलित बनाए रखने के लिए स्वेद ग्रंथियां कई बार अति सक्रिय हो जाती हैं
गर्मियों में शरीर का तापमान संतुलित बनाए रखने के लिए स्वेद ग्रंथियां कई बार अति सक्रिय हो जाती हैं। यह स्थिति हाइपरहाइड्रोसिस ( hyperhidrosis ) कहलाती है। इसमें हथेली-तलवे पर काफी पसीना आता है।आइए जाने इसके बारे में :-
गंभीर बीमारी नहीं :
विशेषज्ञाें के अनुसार हथेली या तलवे पर सामान्य से अधिक पसीना आना स्वेद ग्रंथियों में गड़बड़ी बताता है। इलाज के रूप में दवाओं या घरेलू उपायों से राहत मिल सकती है। हथेली में ज्यादा पसीना आना पामर हाइपरहाइड्रोसिस व तलवे में पसीना आने को प्लांटर हाइपरहाइड्रोसिस कहलाता है।
तापमान घटाता:
कुछ खास ग्रंथियां पूरी त्वचा को ढके रखती हैं। शरीर का तापमान बढ़ते ही इन ग्रंथियों से त्वचा की सतह पर एक पदार्थ निकलता है जो भाप बनकर उड़ते ही तापमान कम कर देता है। ऐसे में कच्चे आलू को त्वचा पर मलने और पानी में तेजपत्ता उबालकर और इसे ठंडा कर हथेलियों व तलवों पर लगाने से पसीना कम आता है।