रोग और उपचार

दांत पीसने की आदत से होते कई दंत रोग

बच्चों में अक्सर बार-बार दांत पीसना या घिसने की आदत होती है, लगातार व लंबे समय तक ऐसा करने से दांतों को नुकसान पहुंचने और मुंह संबंधी दिक्कतें होने लगती हैं
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Jun 30, 2019
teeth care
दांत पीसने की आदत से होते कई दंत रोग

बच्चों में अक्सर बार-बार दांत पीसना या घिसने की आदत होती है। लगातार व लंबे समय तक ऐसा करने से दांतों को नुकसान पहुंचने और मुंह संबंधी दिक्कतें होने लगती हैं। मेडिकली इसे ब्रक्शिज्म कहते हैं। जानते हैं इसके बारे में-

अधिकतर छोटे बच्चों में यह आदत टूटे दांत या निश्चित जगह पर दांत के न होने से खालीपन के कारण होती है। ऐसा वे रात में भी करते हैं जिससे उनमें स्लीप डिसऑर्डर होने की आशंका रहती है। जिसमें खर्रांटे व मुंह से सांस लेने की दिक्कत आम है।

लक्षण : आदत से रहते हैं अनजान
इसके कोई लक्षण नहीं होते और न ही यह पता चलता है कि बच्चा ऐसा कर भी रहा है। लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने से जब तक इस वजह से कोई परेशानी न हो तब तक इसका पता नहीं चलता।

धंसने के साथ टूट भी सकते हैं दांत
घिसने व पीसने से दांत व जबड़े भी प्रभावित होते हैं। इसके क्रॉनिक बीमारी का रूप लेने पर दांत धंस जाते हैं जिससे दांतों या जबड़े के फ्रेक्चर होने, दांतों की जड़ों का ढीला होने व असमय इनके टूटने की आशंका बढ़ती है।

इलाज : रूट कैनाल ट्रीटमेंट, इंप्लांट
गंभीर समस्या में दांतों का रूट कैनाल ट्रीटमेंट, इंप्लांट, डेंचर लगाने की जरूरत भी पड़ सकती है। आदत बहुत पुरानी न होने पर डॉक्टर माउथ गार्ड पहनने की सलाह देते हैं। आदत छुड़ाने के लिए च्वूइंगम दे सकते हैं। बीच-बीच में टोकें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।