यह पेड़ से निकलने वाले रस के सूखने से बनता है और अक्टूबर से जुलाई के बीच पेड़ से इसे निकाला जाता है।
गोंद कतीरा एक बहु उपयोगी खाद्य पदार्थ है इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, फॉलिक एसिड जैसे पोषक तत्व होते हैं। यह पेड़ से निकलने वाले रस के सूखने से बनता है और अक्टूबर से जुलाई के बीच पेड़ से इसे निकाला जाता है। ये ज्यादातर नीम, बबूल, आम के पेड़ से गोंद के रूप में टपकता है।
प्रयोग : गोंद कतीरा गर्म और ठंडे दोनों मौसम में लाभकारी होता है। एक दिन में इसकी अधिकतम 3-4 ग्राम की मात्रा ली जा सकती है। इसे रात में भिगोकर सुबह दूध, शर्बत और आइसक्रीम में मिलाकर प्रयोग कर सकते हैं। इसे तलकर व भूनकर, लड्डू और मिठाई में डालकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आपको पंसारी की दुकान पर आसानी से मिल जाता है।
लाभ : खांसी, दस्त, पसीना, लू लगना ,खुश्की, ज्यादा प्यास लगने पर, हाथ और पांव व पेशाब में जलन होने पर यह काफी उपयोगी होता है। थकान, कमजोरी, गर्मी की वजह से चक्कर आना, उल्टी और माइग्रेन जैसी समस्याओं में भी गोंद कतीरा काफी फायदेमंद होता है।