Kidney Disease: दिल, दिमाग और जिगर के बाद अब लोगों में किडनी की बीमारी ( क्रॉनिक रिनल फेल्योर ) प्रमुखता से उभरने लगी है। तनाव, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर आदि किडनी की बीमारी के प्रमुख कारण माने जाते हैं, लेकिन अब आधुनिक जीवनशैली भी इसके लिए जिम्मेदार मानी जा रही है...
Kidney Disease In Hindi: दिल, दिमाग और जिगर के बाद अब लोगों में किडनी की बीमारी ( क्रॉनिक रिनल फेल्योर ) प्रमुखता से उभरने लगी है। तनाव, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर आदि किडनी की बीमारी के प्रमुख कारण माने जाते हैं, लेकिन अब आधुनिक जीवनशैली भी इसके लिए जिम्मेदार मानी जा रही है।विशेषज्ञाें के अनुसार आराम तलबी के कारण लाेगाें में किडनी की बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है।
बढ़ रही है मरीजाें की संख्या
एसएमएम अस्पताल में के नेफ्रोलॉजी विभाग में आने वाले मरीजों में चार साल से लगातार किडनी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2016 में जहां 40969 मरीज अस्पताल की ओपीडी में आए, वही 2019 में मरीजों की संख्या बढ़कर 52345 हो गई। चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल में किडनी पीड़ित भर्ती मरीज भी लगातार बढ़ रहे हैं। वर्ष 2016 में 8361 मरीज भर्ती हुए, तो वर्ष 2019 में 10385 मरीजों ने अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करवाया।
जागरूकता बढ़ने से मरीजों को मिली जिंदगी
चिकित्सकों का कहना है कि किडनी रोग के बारे में जागरूकता बढ़ी है। एडस, कैंसर जैसी बीमारियों के साथ अब गुर्दे की बीमारी के बारे में भी लोग जानने लगे हैं। यही वजह है कि एसएमएस अस्पताल में किडनली ट्रांसप्लांट के लिए लाइव डोनर के साथ कैडवेर भी बढ़ रहे हैं। पिछले साल 64 लोगों ने अपने रिश्तेदारों को किडनी देरकर जान बचाई, तो 19 की ब्रेनडेड के बाद किडनी दान की गई।