हमारे घुटने के भीतरी भाग में क्रूसिएट लिगामेंट ( Cruciate Ligament ) होते हैं जो घुटने के मूवमेंट में मददगार होते हैं
हमारे घुटने के भीतरी भाग में क्रूसिएट लिगामेंट ( Cruciate Ligament ) होते हैं जो घुटने के मूवमेंट में मददगार होते हैं। फुटबॉल, बास्केटबॉल आदि खेलते समय कई बार घुटनों पर दबाव पड़ने या अधिक खिंचाव से ये लिगामेंट क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। हर व्यक्ति खासकर अधिक उम्र में इस कारण से बैठने-उठने, चलने-फिरने, घुटने मोड़ने और सामान्य काम करने में दिक्कत होती है। मेडिकली इसे एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (एसीएल) कहते हैं। 2-4 दिनों तक दर्द व सूजन कम न हो तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।
कारण व लक्षण
कारण: खेल के दौरान मूवमेंट करते हुए अचानक रुकने, दौड़ते हुए अचानक गति कम करने, कूदते समय गलत दिशा में घुटने के मुड़ने से यह इंजरी हो सकती है। दुपहिया वाहन चलाते समय दुर्घटना होने पर भी इसकी आशंका बढ़ जाती है। घुटने पर अचानक से दबाव पड़ने से भी ऐसा होता है।
लक्षण: घुटने को मोड़ने व चलने-फिरने में परेशानी, सूजन व तेज दर्द।
टैस्ट व व्यायाम
टैस्ट: लक्षणों के आधार पर विशेषज्ञ इसका पता लगाते हैं। जरूरत पड़ने पर एमआरआई कराकर स्थिति स्पष्ट करते हैं।लापरवाही बिलकुल न बरतें।
व्यायाम: सर्जरी के बाद स्थिति के मुताबिक विशेषज्ञ तीन माह तक विभिन्न तरह का वर्कआउट कराते हैं। इसमें बिना डॉक्टरी परामर्श के कोई भी व्यायाम करना घातक साबित हो सकता है। हल्का व्यायाम जैसे लेटकर पैरों को धीरे-धीरे मोड़ना। जरूरत के अनुसार मरीज को प्रभावित हिस्से की मांसपेशियों पर मालिश करने के लिए कहते हैं।
इलाज
मरीज की स्थिति व जरूरत के मुताबिक इलाज किया जाता है। बुजुर्ग या ऐसे लोग जिन्हें भागदौड़ के काम नहीं करने पड़ते उनका इलाज दवाओं व एक्सरसाइज से करते हैं। लेकिन अधिक चलने-फिरने वाले और स्पोट्र्समैन की विशेषज्ञ सर्जरी करके लिगामेंट को रिपेयर करते हैं। सिर्फ दवाओं व एक्सरसाइज से क्षतिग्रस्त लिगामेंट को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता। इसके लिए हिस्से को थोड़ा आराम देना भी जरूरी है।