बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) टैस्ट हड्डियों की मजबूती जांचने के लिए किया जाता है।
बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) टैस्ट हड्डियों की मजबूती जांचने के लिए किया जाता है। ड्यूअल एनर्जी एक्स-रे एब्जॉर्पटियोमेट्री (डेक्सा) मशीन की मदद सेे हड्डियों का घनत्व देखा जाता है। इससे हड्डियों में मौजूद कैल्शियम व अन्य मिनरल्स की जानकारी मिलती है। कमजोर हड्डियों से जुड़ी बीमारी जैसे ऑस्टियोपीनिया व ऑस्टियोपोरोसिस का पता लगाते हैं। इसे 50 की उम्र के बाद हर दो साल के अंतराल में डॉक्टरी सलाह से कराएं।
किसके लिए जरूरी -
इसे 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले, मेनोपॉज के बाद महिलाओं को, कम उम्र में गर्भाशय निकलवा चुकी महिलाएं व अक्सर हड्डियों में दर्द रहने और जल्दी थकान होने की स्थिति में विशेषज्ञ इसे कराने की सलाह देते हैं। ऐसे मरीज जो लंबे समय से स्टेरॉयड या एंटीसाइकेट्रिक दवा ले रहे हैं व मेटाबॉलिक बोन डिजीज के रोगी या अचानक हाइट कम होने पर भी इसे करवाया जाता है।
ये रखें ध्यान -
टैस्ट में 20 मिनट लगते हैं और कोई परहेज की जरूरत नहीं होती। यह दर्दरहित टैस्ट है। गर्भवती महिलाएं प्रेग्नेंसी की जानकारी जांच से पहले डॉक्टर को जरूर बताएं ताकि उन्हें डेक्सा मशीन से निकलने वाले रेडिएशन के प्रभाव से बचाया जा सके।
टी-स्कोर बताता बीमारी -
बीएमडी रिपोर्ट में टी-स्कोर -02.5या इससे कम है तो व्यक्ति ऑस्टियोपोरोसिस से पीडि़त है। जबकि -1.0से -2.4 के बीच होना कमजोर हड्डियों के संकेत हैं। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लें।