रोग और उपचार

B Alert – यूरिन का बदलता रंग हाे सकता है बीमारी का संकेत

कई बार दवा, खानपान या कलर वाले खाद्य पदार्थों से भी पेशाब का रंग बदल सकता है।
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Mar 05, 2019
urine color
B Alert - यूरिन का बदलता रंग हाे सकता है बीमारी का संकेत

किडनी का काम विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकालना है। विषाणु, बैक्टीरिया के अलावा प्रोटीन या शुगर आदि पेशाब के जरिए ही बाहर निकलते हैं। यही वजह है कि अस्वस्थ होने पर डॉक्टर यूरिन टेस्ट करवाते हैं। इसके रंग, गंध और फ्लो से रोगों का पता चलता है। पेशाब का रंग आमतौर पर पीला होता है। इसका कारण है पिगमेंट, जिसे यूरोक्रोम या यूरोबिलिन भी कहते हैं। हम जो भी खाते-पीते या दवा लेते हैं, उससे पेशाब का रंग बदलता है। इसे देखकर भी हमारे स्वास्थ्य का अंदाजा लगाया जा सकता है। लेकिन लोगों को इस जानकारी के आधार में सेल्फ डायग्नोसिस से बचना चाहिए। कोई भी दिक्कत हो तो विशेषज्ञ से बात करनी चाहिए।

क्लीयर यूरिन
जब शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी होता है तो क्लीयर यूरिन होता है। मूत्रवद्र्धक दवाओं से भी क्लियर यूरिन आता है।

गहरा पीला
शरीर में पानी की कमी का संकेत है गहरा पीला पेशाब। इसके लिए पर्याप्त पानी पीना चाहिए।

लाल
चुकंदर, शलगम, आयरन सप्लीमेंट या फूड कलरिंग से इस रंग का पेशाब आ सकता है।

हरा या नीला
कुछ दवाएं, फूड कलरिंग और यूरिनरी ट्रेक में संक्रमण के कारण हरा या नीला पेशाब आता है।

भूरा या काला
एक दुर्लभ जेनेटिक डिसऑर्डर अल्काप्टोन्यूरिया के कारण पेशाब भूरे या काले रंग का हो सकता है।

ब्लड रेड
यह पेशाब में रक्त का संकेत है। यूरिनरी ट्रेक में संक्रमण, किडनी स्टोन या कैंसर इसका कारण हो सकता है।

गंध बताती है रोग
डिहाइड्रेशन से पेशाब में तीखी गंध आती है। लहसुन जैसे खाद्य पदार्थों से भी ऐसा हो सकता है। यूरिनरी ट्रेक में संक्रमण, लिवर रोग या मेटाबॉलिक डिसऑर्डर भी पेशाब की गंध को बदल सकते हैं।

झागदार पेशाब
- अत्यधिक प्रोटीन के सेवन से पेशाब झागदार होने लगता है।
- बार-बार पेशाब आना कई बातों का संकेत है जैसे ब्लैडर इंफ्लेमेशन, ओवरएक्टिव ब्लैडर, मधुमेह और प्रोस्टेट बढ़ना।
- डिहाइड्रेशन, यूरिनरी ट्रेक में संक्रमण या ब्लॉकेज, दवाओं का असर और किडनी रोग आदि के कारण पेशाब कम आने की समस्या हो सकती है।

Published on:
05 Mar 2019 03:36 pm