
दांत निकलने Teething in Babies के दौरान बच्चों को दस्त या उलटी की समस्या होने लगती है, इसकी मुख्य वजह उनके मसूड़े होते हैं। दरअसल, दांत निकलने के दौरान बच्चों के मसूड़ें बेहद संवेदनशील हो जाते है। इसलिए बच्चा अपने आस-पास की चीजों को मुंह में डालने की कोशिश करता है। इससे बैक्टीरिया या वायरस बच्चों के पेट में चले जाते हैं और बच्चों को उल्टी, दस्त की समस्या होने लगती है। जिन बच्चों की अधिक लार निकलती है, उन्हें भी उल्टी और दस्त होने लगते हैं। दस्त संक्रमण होने से होती है न कि दांत निकलने की वजह से होती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह और इलाज बेहद जरूरी होता है।
लक्ष्ण-
बच्चों के 6 से 9 माह के बीच दांत निकलने शुरू हो जाते हैं। हर चीज चबाना, लार आना, रोना, चिड़चिड़ापन, मसूड़ों में खुजली व सूजन, उल्टी-दस्त होना इसके लक्षण है। मसूड़ों में खुजली, जमीन पर पड़ी चीजों को मुंह में लेने से पेट में संक्रमण से बच्चे को दस्त होते हैं। दस्त संक्रमण होने से होती है न कि दांत निकलने की वजह से होती है।
उपचार ऐसे करें-
बच्चे को ज्यादा दस्त, कमजोरी, मसूड़ों में सूजन, चिड़चिड़ापन की समस्या का होम्योपैथी में इलाज है। कैल्शियम सप्लीमेंट दे सकते हैं। होम्योपैथी में कैल्शियम के लिए कैल्केरिया फॉस व अन्य दवाएं देते हैं।
घरेलू उपचार-
बच्चे को केला मसलकर दें। स्तनपान कराते रहें। एक चम्मच चीनी व नमक एक लीटर पानी में घोलें। बच्चे को थोड़ी-थोड़ी देर में देते रहें। दांत निकलने में देरी हो तो बच्चे को इलाज की जरूरत पड़ती है।