
गुलाब के फूलों की पत्तियों से तैयार गुलकंद शरीर में ठंडक और ऊर्जा बनाए रखता है ।
डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, लू लगना और मसूड़ों की तकलीफ ऐसी समस्याएं हैं जो आए दिन हर किसी को परेशान करती हैं। घरेलू उपायों के सुरक्षा कवच से इन रोगों से आसानी से लड़ा जा सकता है ।
तेज धूप की वजह से सिरदर्द हो तो लौकी का गूदा निकालकर पीस लें और माथे पर लेप करें, तुरंत आराम मिलेगा।
एक चम्मच सौंफ रात को एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह इसी पानी में सौंफ को मसलने के बाद छानकर थोड़ी चीनी मिलाकर पिएं, शरीर को ठंडक मिलेगी ।
२५ ग्राम गुलाब के फूल, मिश्री, सौंफ और वंशलोचन (तीनों १० ग्राम) को पीसकर पाउडर बना लें। सुबह और शाम पानी के साथ आधा चम्मच पाउडर लेने से फोड़े, फुंसी, दाद और खुजली में लाभ होगा ।
गुलकंद को एक चम्मच की मात्रा में रात को गुनगुने पानी या दूध के साथ खाने से कब्ज, गर्मी, मुंह के छाले और रक्तसंचार दुरुस्त होता है।
दो टमाटर को काली मिर्च के साथ पीस लें। भोजन करने से पहले इसे खाने से पेट में कीड़ों की समस्या दूर होती है।
नमक व सरसों का तेल मिलाकर मंजन करने से मसूड़े मजबूत होते हैं ।
लू लगने पर प्याज को सलाद के रूप में और कैरी (कच्चा आम) को सब्जी या पना बनाकर प्रयोग करें ।
बिच्छू या मधु मक्खी के काटने पर प्याज का रस व नौसादर मिलाकर लगाने से जहर दूर होता है और दर्द में आराम मिलता है ।
दाद, खाज जैसे त्वचा रोगों में कच्चे पपीते का दूध लाभकारी होता है ।
हरड़ और पीपल के चूर्ण को बरा बर मात्रा में तुलसी के रस के साथ पीने से खांसी में आराम मिलता है । सिरदर्द में लौंग पीसकर माथे पर लेप करें ।