रोग और उपचार

Pre-eclampsia: गर्भावस्था में प्री-एक्लेमप्सिया से बचाव करता है मशरूम

Pre-eclampsia Treatment: भारत में करीब 8-10% गर्भवती महिलाएं प्री-एक्लेमप्सिया का शिकार होती हैं। प्री-एक्लेमप्सिया उच्च रक्तचाप से जुड़ा, गर्भावस्था का एक जटिल विकार है जो महिलाओं और उनके बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है। अच्छी खबर से है कि...

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Feb 05, 2020
Pre-eclampsia: गर्भावस्था में प्री-एक्लेमप्सिया से बचाव करता है मशरूम

Pre-eclampsia Treatment in Hindi: भारत में करीब 8-10% गर्भवती महिलाएं प्री-एक्लेमप्सिया का शिकार होती हैं। प्री-एक्लेमप्सिया उच्च रक्तचाप से जुड़ा, गर्भावस्था का एक जटिल विकार है जो महिलाओं और उनके बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है। वर्तमान में प्रसव से पहले प्री-एक्लेमप्सिया का कोई इलाज नहीं है, यदि यह प्रसव से पहले हो जाए तो मां और बच्चे के लिए बहुत ही गंभीर चिकित्सकीय स्थिति पैदा करता सकता है। लेकिन अच्छी बात ये हैं कि हाल ही के एक शोध में सामने आया है कि मशरूम ( Mushroom ) खाने से प्री-एक्लेमप्सिया की समस्या को कम किया जा सकता है।

हाइपरटेंशन पत्रिका में प्रकाशित शोध के अनुसार लिवरपूल यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी कॉलेज कॉर्क (UCC) के वैज्ञानिकों ने खोज की है कि मशरूम में पाया जाने वाला प्राकृतिक पदार्थ एल-एर्गोथायोनीन, प्री-एक्लेमप्सिया ये बचाव में मदद कर सकता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल के प्रोफेसर लुईस केनी कहते हैं कि प्री-एक्लेमप्सिया दुनिया भर में मातृ और नवजात मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। हमारे पास वर्तमान में कुछ उपचार विकल्प हैं और एकमात्र इलाज डिलीवरी है। यह प्रारंभिक चरण का कार्य एर्गोथायोनीन के लिए एक चिकित्सीय भूमिका का सुझाव देता है। इस महत्वपूर्ण शोध से पता चलता है कि प्री-एक्लम्पसिया प्लेसेंटा से निकलने वाले पदार्थों के कारण हो सकता है जो मां में सामान्य जैविक प्रक्रियाओं को बाधित करते हैं। विशेष रूप से, माइटोकॉन्ड्रियल फंक्शन के विघटन से अतिरंजित तनाव हो सकता है। एर्गोथायोनीन एक शक्तिशाली और प्रभावी माइटोकॉन्ड्रियल एंटीऑक्सिडेंट है। एर्गोथायोनीन विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों में पाया जा सकता है, लेकिन मानव आहार में एर्गोथायोनीन का मुख्य स्रोत मशरूम है।

यूसीसी के डॉ कैथल मैकार्थी कहते हैं कि हम यह देखना चाहते थे कि क्या यह प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट, प्री-एक्लेमप्सिया की कुछ जैविक विशेषताओं को संशोधित कर सकता है। हमारे शोध से पता चलता है कि प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट L-ergothioneine के साथ प्री-एक्लेमप्सिया से ग्रसित चूहों का इलाज करने से उनके रक्तचाप में कमी आई, भ्रूण विकास प्रतिबंधित होने से रूका और प्लेसेंटा से निकलने वाले हानिकारक पदार्थों के उत्पादन पर रोक लगी। इसके अलावा, हमने देखा कि एर्गोथायोनीन के साथ उपचार माइटोकॉन्ड्रियल-व्युत्पन्न ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है।

L-ergothioneine To Treat Pre-eclampsia
लिवरपूल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डगलस केल कहते हैं कि एर्गोथायोनीन एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सिडेंट पोषक तत्व है, जो आमतौर पर मशरूम में पाया जाता है। अब हम चूहे के मॉडल से ये दिखा चुके हैं कि एर्गोथायोनीन प्री-एक्लम्पसिया, गर्भावस्था की एक प्रमुख बीमारी में सुरक्षात्मक है। जो मनुष्यों में इसका परीक्षण की संभावना को बढ़ाता है। जिसकी चिकित्सीय क्षमता आशाजनक दिखती है।

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