
Relief from PRP in knee pain: अधिक उम्र में घुटनों के दर्द से ग्रसित मरीजों के लिए प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (पीआरपी) थैरेपी एक नया व प्राकृतिक विकल्प है। इस थैरेपी में मरीज के रक्त से प्लेटलेट्स निकालकर घुटनों में इंजेक्ट किया जाता है।
अन्य जोड़ों में भी राहत
ऑस्टियोआर्थराइटिस में जोड़ों के कुशन का काम करने वाले कार्टिलेज के बीच गैप हो जाता है। हिप, कंधा, टखना सहित दूसरे जोड़ों संबंधी समस्याओं जैसे टेनिस एल्बो, गोल्फर्स, लिगामेंट एवं एथलीट्स में मसल इंजरी, कॉमन स्पोट्र्स इंजरी व मसल टियर्स आदि में इस थैरेपी को अपनाया जा सकता है। इससे राहत मिलती है।
दूसरे विकल्पों से बेहतर
दर्द निवारक, ओरल कॉन्ड्रोप्रोटेक्टिव, इंट्रा-आर्टिकुलर स्टेरॉइड (जॉइंट स्पेस में लगने वाले इंजेक्शन) आदि से यह बेहतर विकल्प है। जिन मरीजों के दर्द में दिक्कत होती है उनमें शुरुआती अवस्था में देने से ज्यादा लाभ होता है।
गंभीर रोगियों के लिए...
ऐसे मरीज जिनमें सर्जरी किसी भी कारण संभव नहीं है। उनमें यह अच्छा विकल्प हो सकता है। ऑस्टियो आर्थराइटिस की शुरुआती स्टेज में देने से दर्द में राहत मिलती है। पीआरपी उनमें पुन: ग्रोथ कर प्रत्यारोपण की जरूरत खत्म करती है।
कैसे होता है इलाज
पीआरपी, नॉन-सर्जिकल विकल्प है। खून में मौजूद प्लेटलेट्स की हीलिंग प्रॉपर्टीज होती है। प्लेटलेट्स में आठ सौ से भी अधिक प्रोटीन व अणु होते हैं जिनमें शामिल ग्रोथ फैक्टर्स घाव भरने व टिश्यू रिपेयर का काम करते हैं। पीआरपी थैरेपी में व्यक्ति के रक्त से प्लेटलेट्स अलग कर उन्हें प्रभावित क्षेत्र या जोड़ों में इंजेक्ट किया जाता है। इससे हीलिंग प्रक्रिया में वृद्धि होती है जिससे सूजन व दर्द घटने लगता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।