रोग और उपचार

युवाओं में बढ़ रहा है प्री-डायबिटिक का घतरा

08 करोड़ से ज्यादा मधुमेह रोगी हैं भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार

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Jan 24, 2020
risk of pre-diabetes in youth is increasing

मधुमेह या डायबिटीज अब युवाओं को भी रोगी बना रही है। हाल ही अमरीकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र की एक नई रिपोर्ट के अनुसार देश में प्रत्येक 4 में से 1 युवा (24 प्रतिशत) और 5 किशोर (18 प्रतिशत) में से 1 प्री-डायबिटीज का शिकार है। अमरीकी रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र (सीडीसी) के अनुसार अमरीका समेत पूरी दुनिया में युवा पहले की पीढ़ी की तुलना में आज इस बीमारी से ज्यादा ग्रस्त हैं।

बात करें भारत की तो नेशनल अर्बन डायबिटीज सर्वे के अनुसार, भारत में प्री-डायबिटीज के 14 फीसदी रोगी हैं। वहीं कुछ सर्वे में सामने आया है कि भारतीयों को हृदय रोग होने का खतरा अधिक होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर काम करने वाली एक संस्था सेंटर फॉर नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज प्रिवेंशन और इंडियन डायबिटिक फेडेरेशन सेंटर ऑफ एज्युकेशन के अुनसार भारत में करीब 8 करोड़ लोगों को अलग-अलग स्तर की डायबिटीज है। खाने की आदतों में बदलाव न करने और व्यायाम के अभाव में प्री-डायबिटिक टाइप 2 मधुमेह तेजी से पनप रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की 2016 की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में 1.6 मिलियन (16 लाख) लोगों की मौत के लिए मधुमेह सीधे तौर पर जिम्मेदार था।

90 फीसदी लोग अनजान -
हालांकि डायबिटीज और प्री-डायबिटीज किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। आमतौर पर यह मध्यम आयु वर्ग और वृद्धों में अधिक होती है। सीडीआई के अनुसार कई लोगों में प्री-डायबिटीज के सामान्य रूप से कोई लक्षण नजर नहीं आते। वहीं 90 फीसदी लोग तो इससे जांच होने तक अनजान ही रहते हैं। अमरीका में वर्तमान में किशोरवय उम्र के बच्चों में यह रोग तेजी से पनप रहा है।
- 5768 उत्तरदाताओं ने सर्वे में पूछे गए सवालों का जवाब दिया था
- 12 से 34 आयु वर्ग के युवा शामिल थे जिन्हें किसी न किसी प्रकार कर मधुमेह था
- 16 लाख लोगों की मौत हुई थी दुनिया भर में इससे (डब्ल्यूएचओ के अनुसार)
- 24 फीसदी युवा और 18 फीसदी अमरीकी किशोर हैं प्री-डायबिटिक के शिकार
- 08 करोड़ से ज्यादा मधुमेह रोगी हैं भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार

Published on:
24 Jan 2020 06:30 pm
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