
मेइक्रो न्यूट्रिएंट्स हमारे शरीर के विकास के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं। इनमें एक प्रमुख तत्व जिंक भी होता है। इसकी कमी से शरीर पर कई गंभीर दुष्प्रभाव दिखने लगते हैं। इनके बारे में बता रही हैं मुंबई की डायटीशियन दीपाली वागरेचा।
ऐसे पहचानें जिंक की कमी : बच्चों में बिगड़ा हुआ विकास, घाव भरने में देरी, बार-बार संक्रमण यानी कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, बालों का झडऩा या पतला होना, त्वचा पर चकत्ते पडऩा, पाचन संबंधी समस्याएं, भूख में कमी, स्वाद व गंध की असामान्यताएं, मानसिक सुस्ती जैसे लक्षणों का यदि लगातार अनुभव हो तो चिकित्सा पर ध्यान देना जरूरी है। कुछ व्यक्तियों में जिंक की कमी होने का खतरा अधिक होता है जैसे कि गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं, शिशुओं और वे बच्चे जिनका तेजी से विकास हो रहा है। इनका ध्यान रखना जरूरी होता है।
कितना जिंक चाहिए
पुरुष और गर्भवती महिला को रोज 11 मिग्रा. जबकि महिलाओं को 8 मिग्रा. जिंक की आवश्यकता होती है। ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिला को 12 मिग्रा. जरूरी है।
जिंक के अच्छे स्रोत: चने, राजमा, कद्दू के बीज, अलसी, तिल के बीज, काजू, साबुत अनाज जैसे गेहूं, क्विनोआ, जई, भूरे चावल और अंडा जिंक के अच्छे स्रोत हैं। यह समुद्री भोजन में भी भरपूर मिलता है।