रोग और उपचार

अगर आप की सोते समय लेते हैं खर्राटे तो मिल सकती है जिंदगी भर की ये गंभीर बीमारी

हाल ही में हुई एक स्टडी बताती है कि रात में ज़्यादा खर्राटे (Snoring) लेने वालों में हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) रहने का खतरा ज़्यादा होता है। ये स्टडी दिलचस्प है क्योंकि इसमें घर पर ही सोते समय और ब्लड प्रेशर को मापने वाले उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
2 min read
• •
Updated: 20 Feb 2024, 5:02 PM IST
snoring.jpg
Snoring at night? Increased risk of high blood pressure!

हाल ही में हुई एक स्टडी बताती है कि रात में ज़्यादा खर्राटे (Snoring) लेने वालों में हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) रहने का खतरा ज़्यादा होता है। ये स्टडी दिलचस्प है क्योंकि इसमें घर पर ही सोते समय और ब्लड प्रेशर को मापने वाले उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।


खर्राटे (Snoring) तब आते हैं जब हमारी सांस की नली थोड़ी संकरी हो जाती है और उसमें से हवा गुज़रते वक़्त कंपन होता है। लगभग 83% पुरुष और 71% महिलाएं कभी-कभी खर्राटे (Snoring) लेती हैं। ज़्यादा खर्राटे लेना कई बीमारियों से जुड़ा हो सकता है, जैसे सांस की नली का पूरी तरह से बंद होना (स्लीप एपनिया) और हाई ब्लड प्रेशर।

यह भी पढ़े-अब बिंदास खाएं नमक, नहीं सताएगा BP का डर

स्टडी में क्या हुआ?
इस स्टडी में 12 हज़ार से ज़्यादा लोगों को शामिल किया गया। इन लोगों ने घर पर सोते समय ब्लड प्रेशर (High blood pressure) और नींद मापने वाले उपकरण इस्तेमाल किए। स्टडी में पाया गया कि जो लोग ज़्यादा खर्राटे लेते थे, उनका ब्लड प्रेशर उन लोगों से ज़्यादा था जो कम खर्राटे लेते थे या बिलकुल नहीं लेते थे। ये असर खासकर उन लोगों में ज़्यादा देखा गया जिनकी उम्र 50 साल के आसपास थी और जिनका वजन ज़्यादा था।

ज़रूरी बातें
- स्टडी में ज़्यादातर पुरुष, मोटे और लोग शामिल थे, इसलिए नतीजे सभी लोगों पर लागू नहीं हो सकते।
- स्टडी में शराब, सिगरेट, कैफीन, खाने-पीने की आदतों, दवाओं और व्यायाम का असर नहीं देखा गया।
- ज़रूरी है कि इस विषय पर और ज़्यादा रिसर्च हो ताकि खर्राटों (Snoring) और हाई ब्लड प्रेशर के कनेक्शन को और अच्छे से समझा जा सके।

डॉक्टर से सलाह लें
अगर आपको खर्राटों की समस्या है या हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) की चिंता है, तो डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें। वो आपके लिए सही जांच और इलाज बता सकते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
20 Feb 2024, 5:02 PM IST
Published on: