बायल डक्ट कैंसर या पित्त नली का कैंसर (Bile duct cancer) , जिसे चोलैंगियोकार्सिनोमा (Cholangiocarcinoma) भी कहा जाता है, एक दुर्लभ रोग है जिसमें कैंसरी (कैंसर) कोशिकाएं पित्ताशय (Gallbladder) से छोटे आंत तक जाने वाली पतली नलिकाओं में बनती हैं। इसके लक्षणों में खुजली वाली त्वचा (Itchy skin) , अधिक गहरा मूत्र और सामान्य से हल्के अपच, भूख की कमी, पेट दर्द (stomach pain) और आंखों के सफेद हो जाने जैसी गतिविधियां शामिल हैं। यह रोग अत्यधिक जानलेवा हो सकता है और समय रहते निदान और उपचार की आवश्यकता होती है।
बायल डक्ट कैंसर या पित्त नली का कैंसर (Bile duct cancer) , जिसे चोलैंगियोकार्सिनोमा (Cholangiocarcinoma) भी कहा जाता है, एक दुर्लभ रोग है जिसमें कैंसरी (कैंसर) कोशिकाएं पित्ताशय (Gallbladder) से छोटे आंत तक जाने वाली पतली नलिकाओं में बनती हैं। इसके लक्षणों में खुजली वाली त्वचा (Itchy skin) , अधिक गहरा मूत्र और सामान्य से हल्के अपच, भूख की कमी, पेट दर्द (stomach pain) और आंखों के सफेद हो जाने जैसी गतिविधियां शामिल हैं। यह रोग अत्यधिक जानलेवा हो सकता है और समय रहते निदान और उपचार की आवश्यकता होती है।
हमारा शरीर पाचन (Digestion) क्रिया के लिए पित्त नामक रस (Bile juice ) बनाता है. यह पित्त रस लिवर से पित्ताशय (Gallbladder) की थैली और फिर छोटी आंत (Small intestine) में जाता है. पित्त नलिकाएं वो छोटी नलियां होती हैं जो लिवर से पित्त को ले जाती हैं. पित्त नली के कैंसर, जिसे कोलेंजियोकार्सिनोमा (Cholangiocarcinoma) भी कहा जाता है, इन पित्त नलियों में ही कैंसर कोशिकाओं का बनना होता है. ये कोशिकाएं बढ़कर ट्यूमर बना सकती हैं और आसपास के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
पित्त नली के कैंसर के कई लक्षण हो सकते हैं, लेकिन शुरुआत में इन लक्षणों को पहचानना मुश्किल होता है. इन लक्षणों पर ध्यान दें:
अगर आपको ऊपर बताये गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा है, तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें. यह जरुरी नहीं है कि ये लक्षण सिर्फ पित्त नली के कैंसर के ही हों, लेकिन डॉक्टर ही जांच करके सही कारण बता सकते हैं और इलाज शुरू कर सकते हैं.