कीमोथेरेपी से जुड़ी कई भ्रांतियां हैं, जो रोगी को पहले ही डरा देती हैं और रोगी कीमोसेशन के दौरान खुद को असहनीय पाता है
कीमोथेरेपी
कैंसर की एक चिकित्सा पद्धति के तौर पर एक मान्य उपचार है, जो विशेष रूप से कैंसर
कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए किया जाता है। कीमोथेरेपी को "साइटोटॉक्सिक
कीमोथेरेपी" भी कहा जाता है। इस थेरेपी में कई प्रकार से दवाएं रोगी के शरीर में
इंजक्ट की जाती हैं, जिसका एकमात्र उद्देश्य केवल कैंसर कोशिकाओं के विभाजन पर रोक
लगाना होता है। कीमोथेरेपी से जुड़ी कई भ्रांतियां हैं, जो रोगी को पहले ही डरा
देती हैं और रोगी कीमोसेशन के दौरान खुद को असहनीय पाता है। इसका उन पर प्रतिकूल
असर पड़ता है।
कैंसर की शिनाख्त होना अपने आप में बेहद भयावक अनुभव है। यह
केवल आपके जिदंगी के नजरिए को नहीं बदलता, बल्कि यह जिंदगी उलट-पुलट कर देता है।
आपके पैशन को खत्म करता है, फिर आपकी जिंदगी एक्सप्रेशनलैस हो जाती है। पहला
कीमोथेरेपी सेशन लेने से पहले कुछ तैयारियां, जो तनाव तथा चिंता को दूर करने में
मददगार हैं।
सुरक्षा
अपने ऑन्कोलॉजिस्ट से सेंट्रल वेनस कैथीटर से जुड़ी
जोखिमों तथा लाभों के बारे में जानें। अपने ऑन्कोलॉजिस्ट से संभावित साइड इफैक्ट को
समझें, उसे एंटीसिपेट रखने के घरेलू तौर-तरीके जानें।
डेंटिस्ट से
मिलें
अगर छह महीने से आपने दांत चैक-अप नहीं कराए हैं, तो करा लें, इससे
ट्रीटमेंट के दौरान होने वाली जटिलता कम हो सकती है।
अपना एक साथी
चुनें
ट्रीटमेंट के दौरान एक स्थायी साथी/परिजन साथ रखें, जो डॉक्टर की बातों व
सलाहों को नोट कर सके और आपको क्लिनिक से घर ठीक से ला सके। सेवन करने वाली दवाओं
को समय-समय पर दे सके।
सूचित रहें
कीमो ट्रीटमेंट के दौरान जो भी बीमारी
संबंधी साहित्य दिए जाएं, उसे पढ़ें जरूर। इससे भ्रांतियों खत्म होंगी। कहीं कोई
अस्पष्टता हो, तो उसे पूछना न भूलें। कैंसर से बचने वाले हर शख्स का कहना है कि
उसने जिंदगी जीने की इच्छा नहीं छोड़ी थी। लिजा रे, मनीषा कोइराला, युवराज सिंह,
लांस आर्मस्ट्रॉन्ग ऎसे ही कैंसर सर्वाइवर्स हैं। कीमोथेरेपी के दौरान उनके अनुभव
तथा कैंसर से जंग जीतने की जी-तोड़ कोशिश ही कैंसर रोगियों के मनोबल बढ़ाने का कारण
बनती है, इसलिए कीमोथेरेपी के दौरान इन हस्तियों की प्रेरणादायक बातें जरूर पढ़नी
चाहिए। ये बातें आपको हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण देती रहेंगी।
स्ट्रेस रिलीफ
एक्सरसाइज का अभ्यास
ट्रीटमेंट के दौरान चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है, गुस्सा तेज
हो जाता है, भूख कम लगती है। ऎसे में रिलेक्सेशन तकनीकों की मदद लें। योग तथा
प्राणायम से तनाव देने वाली बातों को काबू करें।
आरामदायक कपड़े
पहनें
कीमो ट्रीटमेंट के दौरान लंबे समय तक बैठना या लेटे रहना पड़ता है, इसलिए
चुस्त तथा ऎसे फैब्रिक के कपड़े न पहनें, जो आरामदायक न हों। ट्रीटमेंट रूम भी अधिक
ठंडा होता है, तो हल्के गर्म जुराबें तथा स्वेटशर्ट पहनें।
पौष्टिक
आहार का डिब्बा
ट्रीटमेंट की अवधि लंबी हो सकती है, इसलिए साथ में सुपाच्य
स्नैक्स रखें। मेवे, सम्पूर्ण अनाज वाले बिस्कुट, फल आदि का सेवन डॉक्टर से पूछ कर
करें।
पानी पीते रहें
पहले कीमोथेरेपी के सेशन तथा इसके बाद शरीर में
पानी की कमी नहीं होने दें। उपचार के कारण पानी स्वादहीन लगेगा, पर इसे फलों का रस,
खीरे के टुकड़े, पुदीना, मिल्क, स्पोर्ट्स ड्रिंक्स के साथ लेते रहें। हर्बल टी से
भी बॉडी हाइड्रेट रहती है।
मनोरंजन करते रहें
ट्रीटमेंट के शुरू होने से
पहले खुद को पसंदीदा बातों में लगाए रखें। किताबें पढ़ें, संगीत सुनें या परिजन से
बातें करें, ताकि आपका ध्यान थेरेपी सेे होने वाली दुविधाओं की तरफ कम
जाए।
कैंसर पहले मानसिक रूप से रोगी कोे तोड़ता है, फिर शारीरिक अशांति से
परेशान करता है। इससे निपटने के लिए यह सोचते रहें कि ये लड़ाई मुझे हर हालत में
जीतनी है। अपने प्रियजनों तथा दोस्तों के संपर्क में रहें। डर को साझा करें और वो
सारी चीजें करें, जो आपको खुश रखती हों। इस बात की भी फिक्र न करें कि आपके बाल गिर
जाएंगे तो आप कैसे दिखेंगी/दिखेंगे।