रोग और उपचार

पब्लिक हैबिट्स और एक्सपर्ट ओपिनियन: कॉर्न सीरप से बढ़ता फैट का खतरा

मार्केट में मिलने वाले शरबत, कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम, ठंडाई में स्वीटनर के तौर पर कॉर्न सीरप का इस्तेमाल होने से अक्सर वजन बढऩे की समस्या सामने आती है।
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May 16, 2019
juice drinking
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घर में बनें पेयपदार्थ देते राहत
गर्मी में लोग वजन घटाने और शरीर में पानी की कमी पूरी करने के लिए लिक्विड डाइट का सहारा लेते हैं। मार्केट में मिलने वाले शरबत, कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम, ठंडाई में स्वीटनर के तौर पर कॉर्न सीरप का इस्तेमाल होने से अक्सर वजन बढऩे की समस्या सामने आती है। ऐेसे में अगर घर में बनें पेयपदार्थ का इस्तेमाल करें तो फैट बढऩे की समस्या के साथ डायबिटीज में भी राहत मिलती है।
इसलिए कॉर्न सीरप से बनाएं दूरी : कॉर्न सीरप हाई कैलोरी फ्रक्ट्रोज शुगर है जो आसानी से पच जाता है। इसलिए इसका इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है। इससे बॉडी को मिलने वाली अत्यधिक ऊर्जा का इस्तेमाल न हो पाने पर लिवर इसे फैट में बदल देता है। जो मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और ट्राई ग्लिसराइड का स्तर बढ़ाता है।
घर में तैयार करें पेयपदार्थ : घर मेंं मौजूद शक्कर के अलावा मार्केट में उपलब्ध मेपल सीरप, सैक्रीन, रॉ हनी, स्टीविया एक्सटै्रक्ट को पेय पदार्थ बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह शुगर लो कैलोरी होने के कारण पचने में समय लेती है। धीरे पचने के कारण ये शरीर को आसानी से प्रयोग होने वाली ऊर्जा को सीमित मात्रा में उपलब्ध कराती है। मेपल सीरप और रॉ हनी लो शुगर होते हैं जो ब्लड ग्लूकोज शुगर को बढऩे से रोकते हैं।
डायबिटिक पेशेंट्स ध्यान रखें : डायबिटिक पेशेंट्स पेय पदार्थों में सैक्रीन व स्टीविया एक्सटै्रक्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं। नैचुरल शुगर होने के साथ इसमें जीरो कैलोरी होती है। इसे दिन में दो से तीन बार ही लें। जिनका वजन अधिक है वे कॉर्न सीरप इस्तेमाल न करें।

गिरिजा काबरा, न्यूट्रीशियन

Published on:
16 May 2019 11:19 am