रोग और उपचार

Mobile फोन में कार्टून देखने से खराब हो सकती हैं बच्चों की आंखें, ऐसे करें बचाव

काफी बच्चे इसे कार्टून देखने और गेम खेलने के लिए भी यूज करते हैं। लेकिन लगातार इन गैजेट्स का यूज करना बच्चों की आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है और इसको लेकर आपको अलर्ट होना जरूरी है।
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Updated: 7 Jul 2023, 5:45 PM IST
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Children Eyes Protect: कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद बच्चों के स्कूल बंद हो गए थे और फिर इसके बाद ऑनलाइन क्लासेस का ट्रेंड शुरू हो गया। इस दौरान पढ़ाई-लिखाई के लिए मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप का ही सहारा लिया गया था। हालांकि, अब स्कूल पूरी तरह से खुल चुके हैं, लेकिन बच्चों को इन गैजेट्स को यूज करने की आदत बन गई है। हालांकि, काफी बच्चे इसे कार्टून देखने और गेम खेलने के लिए भी यूज करते हैं। लेकिन लगातार इन गैजेट्स का यूज करना बच्चों की आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है और इसको लेकर आपको अलर्ट होना जरूरी है।

मोबाइल फोन खराब कर सकता है बच्चों की आंखें
मोबाइल फोन या किसी दूसरे गैजेट की स्क्रीन पर लगातार टकटकी लगाए रखने की वजह से काफी बच्चों आंखों की समस्या हो रही है, इसलिए पैरेंट को इस बात ख्याल रखना चाहिए कि बच्चों को ज्यादा देर के लिए इन चीजों का इस्तेमाल न करने दें।

यदि आपके बच्चों को आंखों में स्ट्रेन, नजरों का कमजोर होना, आंखों में दर्द या आंखों से पानी आने की शिकायत हो तो इसे हल्के में न लें, बल्कि तुरंत नजदीकी आई स्पेशियलिस्ट डॉक्टर से मिलें। क्योंकि चेकअप और टेस्ट के बाद ये पता चलेगा कि असली परेशानी कहां है, तभी आप अपने बच्चों की आंखों की सुरक्षा कर सकेंगे।

ऐसे करें बच्चों की आंखों की केयर
- अपने बच्चों की स्क्रीन टाइमिंग को फिक्स करें क्योंकि बहुत ज्यादा देर तक मोबाइल या टैब के इस्तेमाल से आंखों की रोशनी कम हो सकती है।
- बच्चों की पढ़ाई के लिए बड़ी सक्रीन का इस्तेमाल करें जिससे उनकी आंखों पर जोर न पड़े, इसके लिए चौड़े स्मार्ट टेलीविजन या प्रोजेक्टर का यूज कर सकते हैं।
- बच्चों को ये बताएं कि मोबाइल और टैबलेट को लगातार नहीं देखें और बीच-बीच में पलक झपकाते रहे हैं।


- बच्चों को अंधेरे में मोबाइल फोन और टैबलेट का इस्तेमाल नहीं करने दें, रूम में हल्की रोशनी होना जरूरी है, वरना मोबाइल की लाइट रेटीना पर बुरा असर डाल सकती है।
- बच्चों को ऑनलाइन गेम नहीं खेलने दें, इसकी बजाए आप उन्हे आउटडोर गेम खेलने के लिए प्रोतसाहित करें, जैसे बैडमिंटन, फुटबॉल और वॉलीबॉल।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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