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Health News: साधारण बीमारियों में जरूर आजमाएं ये बेहद आसान और घरेलू नुस्खें, जानें पूरी विधि

Health News: आधा चम्मच कालीमिर्च के चूर्ण और एक चम्मच मिश्री को मिलाकर एक कप गुनगुने दूध के साथ दिन में तीन बार लेने से सर्दी-जुकाम में लाभ होता है। सोने से पहले 3-4 कालीमिर्च चबाकर उसके बाद गुनगुना दूध पीने से जुकाम में आराम मिलता है।
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Updated: 13 Sep 2021, 11:23 PM IST
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Health News: आधा चम्मच कालीमिर्च के चूर्ण और एक चम्मच मिश्री को मिलाकर एक कप गुनगुने दूध के साथ दिन में तीन बार लेने से सर्दी-जुकाम में लाभ होता है। सोने से पहले 3-4 कालीमिर्च चबाकर उसके बाद गुनगुना दूध पीने से जुकाम में आराम मिलता है।

सर्दी के मौसम में कालीमिर्च का प्रयोग न केवल आपको फिट रखेगा बल्कि खांसी और जुकाम जैसे रोगों से भी दूर रखता है। जानते हैं इसके फायदों के बारे में। आधा चम्मच कालीमिर्च के चूर्ण और एक चम्मच मिश्री को मिलाकर एक कप गुनगुने दूध के साथ दिन में तीन बार लेने से सर्दी-जुकाम में लाभ होता है। सोने से पहले 3-4 कालीमिर्च चबाकर उसके बाद गुनगुना दूध पीने से जुकाम में आराम मिलता है।

छह ग्राम कालीमिर्च को पीसकर 30 ग्राम गुड़ या शक्कर और दही के साथ मिलाकर सुबह-शाम पांच दिनों तक लेने से बिगड़ा हुआ जुकाम ठीक हो जाता है। कालीमिर्च और बताशे को पानी में उबालकर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है और दिमाग भी हल्का होता है। इसके अलावा कालीमिर्च को पीसकर शहद में मिलाकर चाटने से खांसी-जुकाम में आराम मिलता है।

आपके दिल की दोस्त है अलसी

अलसी दिल की सेहत के लिए फायदेमंद होती है। इसमें ओमेगा-थ्री फैटी एसिड के अलावा कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट व कैंसररोधी तत्त्व पाए जाते हैं। कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के डॉ. ऋषिपाल ने अलसी के गुणों पर शोध कर पाया कि इसे खाने से शरीर में अच्छा कोलेस्ट्रॉल बनता है जो दिल की धमनियों में खून के थक्के बनने से रोकता है। प्रयोग: सीमित मात्रा में।

दवा जितना ही फायदेमंद लहसुन

लहसुन में मौजूद 'डाइलिल सल्फाइड' विषाणु द्वारा बनाई जाने वाली जहरीली परत को तोडऩे में कामयाब होता है। यह तत्त्व न सिर्फ दवाओं की तरह काम करता है बल्कि कम समय में ही असर करता है। शोध के अनुसार इसके इस्तेमाल से भोजन को विषाक्त होने से बचाने में मदद मिलेगी। रोजाना सुबह लहसुन की एक कली खाने से हृदय रोगों में आराम मिलता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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