रोग और उपचार

हर दो घंटे में सामान्य पानी से धोएं आंखें, स्क्रीन टाइम घटाएं

आंखों की केयर करने के लिए सबसे जरूरी है, वर्ष में एक बार नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। आंखों पर ध्यान दें, इसके लिए प्रोटेक्टिव चश्मा पहनें। धूल, धूप आदि से बचाएं। हर दो घंटे बाद सामान्य पानी से धोएं। इंडस्ट्रियल काम करते हैं तो ध्यान रखें।
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Updated: 16 Sep 2023, 5:33 PM IST
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आंखों की केयर करने के लिए सबसे जरूरी है, वर्ष में एक बार नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। आंखों पर ध्यान दें, इसके लिए प्रोटेक्टिव चश्मा पहनें। धूल, धूप आदि से बचाएं। हर दो घंटे बाद सामान्य पानी से धोएं। इंडस्ट्रियल काम करते हैं तो ध्यान रखें।

ये जांच करवाएं
नजर का दायरा और आंखों का प्रेशर, ये दोनों जांच विशेषज्ञ की देखरेख में करवाएं। इससे ग्लूकोमा जैसे गंभीर रोग का समय रहते पता कर सकते हैं। पिछले परदे की जांच भी करवाएं।

ध्यान दें
फास्ट फूड सहित अनहेल्दी डाइट से बचें। शरीर स्वस्थ हो तो आंखें भी स्वस्थ होंगी, अत: पोषक आहार लें। डायबिटीज से आंखों के परदे पर असर पड़ता है, जिसे रोक सकते हैं। शुगर कंट्रोल करने के लिए एक्सरसाइज करें व मीठे से बचें।

स्क्रीन से बचाव
फोन या कम्प्यूटर की स्क्रीन लिमिट सेट करें। इससे डिजिटल आई सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। मायोपिया, कैरिटोकोनस, ड्राइनेस जैसी समस्याएं स्क्रीन के कारण बढ़ रही हैं। अत: लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें।

ये उपाय अपनाएं
कालापानी, मोतियाबिंद जैसी दिक्कतों में हर तीन महीने में दिखाएं। 20-20-20 जैसी आंखों की एक्सरसाइज करें, इससे भी आंखों की हेल्थ बेहतर होगी। ज्यादा समस्या हो तो तुरंत उपचार लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
16 Sep 2023, 5:33 PM IST
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